अपने नहीं, विरोधियों के कमजोर सितारों पर नेताओं की नज़र

नई दिल्ली (फरवरी): भारतीय नेताओं का ज्योतिष प्रेम कोई नई बात नहीं है लेकिन चुनावों के करीब आने पर नेताओं का यह प्रेम कई गुना बढ़ जाता है। यूपी में उम्मीदवार केवल अपने भविष्य को लेकर चिंतित नहीं है बल्कि वे अपने प्रतिद्वंदियों की जन्म कुंडलियां खंगलवा रहे हैं। शहर के 2 बड़े ज्योतिषियों ने बताया कि उनके अधिकतर क्लाइंट्स बीजेपी उम्मीदवार को अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी मान कर चल रहे हैं। एक मशहूर  ने बताया, 'हर उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंदी का कमजोर ग्रह जानना चाहता है। छोटी-मोटी समस्याओं को हवन और ग्रह शांति से निपटाया जा सकता है।'

एक और ज्योतिषी ने बताया कि किसी भी उम्मीदवार का जीतना लगभग नामुमकिन है अगर प्रतिद्वंदी के तारे सही दशा में हैं। नेता ज्योतिष की मदद से ही योजनाओं के लोकार्पण से लेकर चुनाव प्रचार शुरू करते हैं। यहां तक की नेता रंग से लेकर गाड़ियों तक के बारे में ज्योतिषी की सलाह मानते हैं।हालांकि इस बार नेता एक कदम आगे हैं और वह केवल अपने तारों की दशा नहीं जानना चाह रहे बल्कि प्रतिद्वंदियों की जन्म कुंडलियां निकलवा रहे हैं।