इस बंगले को मनहूस मानते हैं नेता, यह है वजह...

इंद्रजीत सिंह, मुंबई (6 जून): महाराष्ट्र के जिस आलीशान बंगले में एकनाथ खड़से रहते हैं, उसे अब शापित कहा जा रहा है। इस बंगले में महाराष्ट्र सरकार का कोई मंत्री अब रहने को तैयार नहीं है। खड़से के इस्तीफे के बाद राजनेता इस बंगले को मनहूस मान रहे हैं।

जिस बंगले को महाराष्ट्र सरकार में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले रसूखदार मंत्री को ही अलॉट किया जाता था। मालाबार हिल्स के उस शानदार, आलीशान बंगले में जाने से अब महाराष्ट्र के मंत्री डरने लगे हैं। महाराष्ट्र के दिग्गजों की मेजबानी कर चुका ये बंगला अब राजनीति का शापित बंगला कहा जाने लगा है। पिछले कुछ सालों में इस बंगले में रहने वाले मंत्री बड़ी मुश्किलों में फंस गए हैं। अभी इस बंगले में एकनाथ खड़से रहते हैं जिन्हें दाऊद कनेक्शन और करप्शन के आरोपों में कुर्सी छोड़नी पड़ी है।

एकनाथ खड़से से पहले पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल इस बंगले में रह चुके हैं। बंगले में रहने के दौरान उन पर कई घोटाले के आरोप लगे, अब वो जेल में हैं। भुजबल के पहले इस बंगले में गोपीनाथ मुंडे और कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्‍यमंत्री विलास राव देशमुख रहे। गोपीनाथ मुंडे पर बंगले में रहते हुए कई गम्भीर आरोप लगे और उनका पोलिटिकल करियर ख़त्म होते-होते बचा। दिग्गज नेता विलास राव देशमुख इसी बंगले में रहते हुए अपनी ज़िंदगी का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव हारे। अब उसे शापित बांग्ला कहा जाने लगा है। इस बंगले में रहने के दौरान इन चारों ही मंत्रियों के करियर में नाटकीय मोड़ आया और अपने राजनीतिक करियर के सबसे बुरे दौर में पहुंच गए।

वैसे मालावार हिल्स का शानदार रामटेक बंगला अकेला नहीं है जिसे राजनीति में शापित कहा जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग को नीतीश ने अशुभ मानते हुए 7 सर्कुलर रोड पर रहने का फैसला किया। दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री ब्रह्म प्रकाश का घर 33 श्यामनाथ मार्ग को राजनीति में मनहूस माना जाता है। उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने 10 एकड़ में फैले मुख्यमंत्री निवास को अशुभ मानते हुए गेस्ट हाउस में रहने का फैसला किया था।

अब भले ही इसे संयोग कहें या अंधविश्वास, लेकिन महाराष्ट्र सरकार में कृषिमंत्री एकनाथ खडसे के इस्तीफे के बाद अब फडणवीस सरकार का कोई भी मंत्री मालाबार हिल्स के इस शानदार बंगले में रहने को तैयार नहीं है।