प्यास बुझाने के लिए पाताल में उतरती जिंदगी

नितिन बनसोडे, लातूर (22 अप्रैल): 21वीं सदी के भारत की एक ऐसी खबर हम आपको बताने जा रहे हैं, जो आपको अंदर तक झकझोर कर रख देगी। महाराष्ट्र के लातूर से आई ये खबर आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि पानी की एक बूंद की कीमत क्या होती है।

मटका भर पानी के लिए महिलाओं को अपनी जान जोखिम में डालकर 60 फीट गहरे कुएं में उतरना पड़ता है। कुएं की दीवार पर पैर जमा जमाकर महिलाएं नीचे उतरती हैं और फिर मुश्किल झेलती हुई मटका भर पानी ऊपर ले जाती हैं। अगर इस दौरान इनका जरा भी पैर फिसला तो ये सीधे 60 फीट नीचे गिर सकती है और ये इनके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है, लेकिन शायद इन्हें उस मौत का कोई डर नहीं। क्योंकि फिलहाल तो प्यास इनकी जान निकाल रही है। इस प्यास को बुझाने के लिए जान को जोखिम में डालना मजबूरी है।

महाराष्ट्र का लातूर जिला भयंकर सूखे की चपेट में है। यहां पानी के ज्यादातर साधन सूख चुके हैं। कहीं किसी तालाब या कुएं की तलहटी में थोड़ा बहुत पानी बचा है, जिससे यहां के लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं। प्रशासन ने टैंकर और ट्रेन का इंतजाम किया है, लेकिन वो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। फिलहाल यहां के लोगों के पास कोई चारा नहीं है। अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना उनकी मजबूरी है।

वीडियो: [embed]https://www.youtube.com/watch?v=j71dDu1yTOo[/embed]