आजाद हिंद फौज के आखिरी सिपाही काले का निधन

नई दिल्ली (16 अक्टूबर): आजाद हिंद फौज के वयोवृद्ध सिपाही डैनियल काले का लंबी बीमारी के बाद कोल्हापुर में निधन हो गया। काले का एक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार सुबह आठ बजे निधन हुआ जहां वह खराब स्वास्थ्य के कारण पिछले कुछ दिनों से भर्ती थे। उनकी उम्र 95 वर्ष थी। काले की अंतिम दिनों में देखभाल अशोक रोकडे कर रहे थे, जिन्होंने लोगों की सेवा के लिए ‘व्हाइट आर्मी’ की स्थापना की है। रोकडे ने कहा कि काले का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम कदमवाड़ी शवदाह गृह में किया गया।

कोल्हापुर जिले के पन्हाला तहसील में सितंबर 1920 में जन्मे काले 1942 में रासबिहारी बोस इंडियन इंडिपेंडेंस लीग में शामिल हुए थे। लीग बाद में आजाद हिंद फौज में शामिल हो गया था जिसने काले को भारत-बर्मा की सीमा पर तैनात किया। रोकडे ने कहा, ‘काले फौज के गुप्तचर सेवा समूह का हिस्सा थे जो खुफिया सूचनाएं इकट्ठी करता था और फौज के नेतृत्व को भेजता था।’ बताया जाता है कि सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित फौज के वह अंतिम सिपाही थे। रोकाडे ने कहा कि 1947 में देश की स्वतंत्रता के बाद काले कोल्हापुर लौट आए और वहीं बस गए। उनकी पत्नी का एक दशक पहले निधन हो गया था। इसके बाद काले का स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया था। काले के निधन की खबर लोगों तक शनिवार को पहुंची।