मकान के किराए और निर्माणाधीन घर पर देना होगा GST

नई दिल्‍ली (28 मार्च): भले ही अभी जीएसटी लागू नहीं हुआ हो, लेकिन उससे पहले जो खबर निकलकर सामने आ रही हैं, वह जानना आपके लिए बहुत ही जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक जुलाई से जमीन, मकान के किराए या पट्टे पर देने के साथ-साथ निर्माणाधीन घर की मासिक किस्‍त (EMI) चुकाने पर आपको वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) का भुगतान करना होगा। हालांकि जमीन या भवन की बिक्री को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाएगा।


इस तरह के लेनदेन पर पहले की तरह ही स्‍टाम्‍प ड्यूटी लगती रहेगी। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में पेश किए गए विधेयकों में यह प्रावधान किए गए हैं। इलेक्ट्रिसिटी को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है।


- सरकार 1 जुलाई 2017 से देश में जीएसटी को लागू करना चाहती है।

- विनिर्मित वस्‍तुओं और सेवाओं पर लगने वाला केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क, सेवा कर और राज्‍य वैट सहित अन्‍य अप्रत्‍यक्ष करों का जीएसटी में विलय हो जाएगा।

- संसद में जो चार विधेयक पेश किए गए हैं उनमें से एक केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) विधेयक में कहा गया है कि जमीन का पट्टा, किराएदारी या जमीन पर कब्‍जा देने का लाइसेंस प्रदान करना सेवा की आपूर्ति माना जाएगा।

- इसके अलावा वाणिज्यिक, औद्योगिक या रिहायशी भवन को, आंशिक या संपूर्ण, कारोबार या वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए किराये पर देने को भी सेवाओं की आपूर्ति माना जाएगा।

- सीजीएसटी विधेयक में जमीन या भवन की बिक्री, निर्माणाधीन भवन को छोड़कर, को वस्‍तु या सेवा की आपूर्ति नहीं माना जाएगा और इस पर जीएसटी लागू नहीं होगा।

- विधेयकों के पहले ड्राफ्ट में धन और प्रतिभूतियों के अलावा सभी चल संपत्ति को वस्‍तु की परिभाषा दी गई है। वस्‍तुओं के अलावा अन्‍य सभी को सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है।