'लव जिहाद' के बाद अब 'लैंड जिहाद', जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली (20 दिसंबर): मेरठ में विश्व हिन्दू परिषद ने अब लैंड जेहाद का मुद्दा उठाया है उनका कहना है कि मुस्लिम लोग हिन्दू इलाके में ऊंची कीमत देेकर मकान खरीद लेते है उसके बाद वंहा इस्लामिक गतिविधियां चलाकर ओर लोगो  को वंहा से सस्ती कीमत पर मकान बेच कर भागने पर मजबूर कर देते है ताजा मामला मेरठ के कोतवाली क्षेत्र का है जंहा कर्ज में घिरे एक सर्राफ ने ने पैसो के लालच में अपना मकान एक मुस्लिम को बेच दिया बाद में जब विरोध हुआ तो मकान का सौदा विवादों में फस गया विरोध के बाद एक संप्रदाय विशेष के व्यक्ति को खरीदा हुआ मकान वापस करना पड़ा। 

बता दें कि अभी तक मुस्लिम युवकों पर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने और धोखा देने के आरोप लगते रहे हैं। इसे वीएचपी, बजरंग दल सकई हिंदू संगठनों ने लव जिहाद का नाम दिया है।  वेस्ट यूपी समेत पुरे देश  में लव जिहाद के कुछ कथित मामले भी सामने आ चुके हैं। 

वीएचपी का आरोप है कि  लव जिहाद की तरह अब 'लैंड जिहाद' को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे बचने के लिए लोगों में जागरुकता लाने का काम वीएचपी कर रहा है। हिन्दूवादी नेताओ का आरोप है कि  'लैंड जिहाद' के नाम पर हिंदू बहुल्य इलाकों में एक-दो मुस्लिम साजिश के तहत बाजार के रेट से  अधिक पैसे का लालच देकर मकान, दुकान या जमीन खरीद लेते हैं। बाद में अपने संप्रदाय के और लोगों को भी वहीं पर मकान आदि दिलवा देते हैं। दोनों संप्रदाय के लोगों का रहन-सहन और खान-पान का तरीका एकदम अलग है। इसकी वजह विवाद शुरू हो जाता है। यही नहीं तय धनराशि भी नहीं अदा करते। विवाद से क्षेत्र का माहौल खराब करने लगते है और हिंदुओं को इलाके से कम पैसो में मकान बेचकर जाने पर मजबूर कर देते हैं।

वीएचपी के सह प्रांत संगठन मंत्री सुदर्शन चक्र महाराज का कहना है कि 'लैंड जिहाद' फिलहाल तेजी से बढ़ रहा है। एक साजिश के तहत सरकारी जमीन, पार्क, चौराहे पर मजार बनाकर धार्मिक आयोजन की आड़ में कीमती जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। कुछ दिन बाद ऐसे ही कब्जा की गई जमीनों पर देश विरोधी गतिविधियों का संचालन किया जाता है। 

सुदर्शन चक्र महाराज का दावा है कि वेस्ट यूपी के बिजनौर में पहले ऐसे 2 मामले पकड़ में आ चुके हैं। इसके लिए वीएचपी जानकारी जुटाकर प्रशासन और सरकार को मुहैया करा देता है, जिससे 'लैंड जिहाद' को रोका जा सके और ऐसे कब्जा की गई जमीन को मुक्त कराया जा सके। उनका कहना है कि जहां-जहां मुस्लिमों की आबादी बढ़ी है वहां विवाद भी बढ़े हैं, जबकि हिंदू आबादी बढ़ने वाले इलाकों में ऐसा नहीं है वहां मुस्लिम सुरक्षित रहते हैं। उनका कहना है कि हिंदुओं के रिहायशी इलाकों में सामाजिक तौर पर लोगों को संप्रदाय विशेष से लोगों को मकान-दुकान लेकर नहीं रहने देना चाहिए। 

दरअसल, मेरठ में एक मामला सामने आया कि मेरठ के कोतवाली इलाके का माली पाड़ा हिंदू बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। यहां पर एक संजय रस्तोगी का पुराना मकान हैं। उन्होंने इस मकान को इस्माइल नगर निवासी नौमान अली को बेच दिया था। रविवार की देर शाम संजय अपने मकान का कब्जा दिलाने के लिए नौमान को लेकर मालीवाड़ा पहुंचे। लोगों को पता चला कि संजय रस्तोगी ने गैर समुदाय के व्यक्ति को मकान बेच दिया।

इस सूचना पर बीजेपी और हिंदू संगठन के पदाधिकारी पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने गैर संप्रदाय के व्यक्ति को मकान बेचने का विरोध किया तो मकान खरीदने वाले व्यक्ति ने कहा कि उस को उस के पैसे वापस दे दिए जाये जिस का इलाके वालो ने दो महीने का वख्त भी दिया गया है की उस के पैसे वापस दिए जाएँ हालाँकि इलाके वालो की इस बारे में अलग अलग कहना है कि इलाके वालो का कहना है की ये हिन्दू बाहुल्य इलाका है , इस लिए मुस्लिम को मकान नहीं लेने दिया जायेगा कुछ का कहना है कि पहले इलाके वालो से मकान मालिक को बात करनी चाहिए थी और कुछ लोगो का कहना है कि अपने मकान की कीमत को बढ़ाने के लिए कुछ लोग ऐसा कर रहे है की कीमत ज़्यादा दो नहीं तो मकान दूसरे धर्म के लोगो को बेच देंगे। 

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी इसे गलत बताते हुए कहते है और सीधे कश्मीर से इस मुद्दे को जोड़ते है की मकान खरीदने और बेचने वाले दोनों को इस  सोचना चाहिए अगर हर कोई सब जगह जाकर रह सकता है  कश्मीर में फिर क्यों नहीं रहा जा सकता