लालू ने सृजन घोटाले की CBI जांच की मांग की, कहा- बचने के लिए BJP की शरण में गए नीतीश


रांची (17 अगस्त): बिहार में सृजन घोटाले पर सियासत जोरों पर है। इस सिलसिले में जहां नीतीश कुमार की सरकार ने तेजस्वी यादव को भागलपुर में सभा की इजाजत नहीं दी। वहीं आरजेडी सुप्रीमों ने नहीं लालू ने कहा कि तेजस्वी यादव से ये इतना डर गए कि भागलपुर में इन्हें सभा नहीं करने दी गई। कहा गया कि इलाके में धारा 144 लगी हुई है सभा नहीं होगी।

लालू यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि देश के पीएम और स्टेपनी सीएम नीतीश भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं लेकिन बिहार में हुए घोटाले पर चुप्पी साधे हुए हैं। साथ ही लालू यादव ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इन सभी को जेल में बंद कराया जाए। लालू यादव ने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि आप आकर इस घोटाले की जांच करें। सभी जिलों में एनजीओ और महिला समिति बनाकर इस लूट को अंजाम दिया गया। 


लालू ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार को घोटाले की जानकारी 2013 से थी। उनके पास इसके सबूत भी हैं. उन्होंने कहा कि संजीत कुमार नाम के एक शख्स ने सरकार के कई लोगों को पत्र लिखा कि सरकारी पैसे की अवैध निकासी हो रही है। साथ ही इसकी प्रति 30 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री को भेजी थी। उस वक्त निजी अखबार ने इसे प्रकाशित भी किया था। इस घोटाले में सुशील कुमार मोदी को जेल जाना चाहिए क्योंकि उस समय वह वित्त मंत्री थे। लालू यादव ने कहा कि ये नीतीश कुमार का 2000 करोड़ से भी ज्यादा का महाघोटाला है। इस घोटाले की जानकारी दिल्ली को थी, इसलिए आनन-फानन में वह मोदी की शरण में गए। लालू ने कहा कि इसमें करीब 20 अफसर फंसेंगे।