CBI ने कहा, लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुई गड़बड़ियां, 32 करोड़ की जमीन 65 लाख में दी गई

नई दिल्ली (7 जुलाई): राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के ठिकानों पर शुक्रवार को सीबीआई ने छापेमारी की। सीबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी के एडिशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने रेलवे होटल टेंडर्स घोटाले को लेकर की गई छापेमारी पर कहा कि लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहते गड़बड़िया हुईं। टेंडर के बदले लालू यादव को सस्ती जमीन देने का आरोप है। सीबीआई ने होटलों के रखरखाव के लिए निविदाएं देने में कथित अनियमितताओं के मामले में यह छापेमारी की है। सीबीआई ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई सुबह 7.30 बजे शुरू हुई और अलग-अलग स्थानों पर अब तक जारी है।


राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव और सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी को लेकर सीबीआई ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। सीबीआई ने कहा कि प्राथमिक जानकारी में टेंडर अलॉट करने की प्रक्रिया में गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसके बाद ही शुक्रवार को जांच एजेंसी ने छापेमारी की। इस मामले में शुक्रवार को दिल्ली, गुरुगाम सहित 12 जगहों पर छापेमारी की गई। 32 करोड़ की जमीन लाला प्रोजेक्ट को 65 लाख रुपए में दी गई।


सीबीआई के के एडिशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने कहा कि 32 करोड़ की जमीन लारा प्रोजेक्ट को 65 लाख रुपए में दी गई। लालू यादव और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का केस दर्ज किया गया है। धारा 420 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है। लालू यादव, राबड़ी यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने कहा कि टेंडर के बदले लालू यादव को सस्ती जमीन दी गई। देशभर में उनके 12 ठिकानों पर छापे मारे गए।


सीबीआई ने होटलों के रखरखाव के लिए निविदाएं देने में कथित अनियमितताओं के एक ताजा मामले में आज पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों के आवासों पर छापेमारी की। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के उप मुख्यमंत्री और उनके बेटे तेजस्वी यादव, आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी पी के गोयल, यादव के विश्वासपात्र प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।


गुप्ता कॉर्पोरेट मामलों के पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2006 में रांची और पुरी के बीएनआर होटलों के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए निविदाओं में कथित अनियमितता पाए जाने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह निविदाएं निजी सुजाता होटेल्स को दी गई थीं। बीएनआर होटल रेलवे के हैरिटेज होटल हैं जिन्हें उसी साल (2006 में) आईआरसीटीसी ने अपने नियंत्रण में ले लिया था. उन्होंने बताया कि छापेमारी दिल्ली, पटना, रांची, पुरी और गुड़गांव सहित 12 स्थानों पर की गई।