अपनी ही पार्टी से बाहर निकाले जा सकते हैं लालू प्रसाद यादव !

नई दिल्ली (8 अक्टूबर): शायद यह खबर जानकर आप हैरान हो गए हो, क्योंकि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन के नाम से गठित शहाबुद्दीन के समर्थकों की कमेटी ने गोपालगंज में एक आपात बैठक बुलाई और लालू प्रसाद को ही पार्टी से बाहर निकालने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी।

शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन नाम की कमेटी शहाबुद्दीन के समर्थकों ने बनाई है। शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन की आपात बैठक में कार्यकर्ताओं ने लालू प्रसाद पर कई गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं ने लालू प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि लालू प्रसाद ने ही एक सोची समझी साजिश के तहत शहाबुद्दीन की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिलवाकर रद्द करवाया। शहाबुद्दीन के दोबारा जेल जाने के लिए लालू प्रसाद ही पूरी तरह जिम्मेवार है।

शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन के कार्यकर्ताओं के तेबर इस बैठक में काफी तल्ख थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के कारण पार्टी अपने पुराने जनाधार को खोती जा रही है और उनके ही कारण पार्टी की विश्वसनीयता में भी कमी आई है। बैठक में कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से लालू प्रसाद को पार्टी से बाहर निकालने का एक प्रस्ताव लाया गया, जिस पर सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर से अपनी सहमति व्यक्त की।

साथ ही बैठक में ये भी कहा गया कि अगर पार्टी उनके प्रस्ताव पर अमल नहीं करती है तो आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरजेडी के लिए शहाबुद्दीन ने जो कुर्बानी दी है उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन लालू प्रसाद शहाबुद्दीन के साथ यूज एंड थ्रो की नीति अपना रहे हैं। इस बैठक में सैंकड़ों की संख्या में शहाबुद्दीन के समर्थक और शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन के कार्यकर्ता मौजूद थे।