चारा घोटले में लालू यादव को साढ़े 3 साल की जेल, जानें क्या है देवघर कोषागार मामला ?

चारा घोटाला: लालू को सजा में राहत, जानें क्या है देवघर कोषागार मामला ?

रांची (6 जनवरी): चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में रांची की विशेष CBI कोर्ट ने आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को सजा सुनाई है। 

पूरा मामला साल 1990 से 1994 के बीच का है। देवघर कोषागार से पशु चारे के नाम पर अवैध ढंग से 89 लाख, 27 हजार रुपये निकालने का आरोप है। इस दौरान लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे। हालांकि, ये पूरा चारा घोटाला 950 करोड़ रुपये का है, जिनमें से एक देवघर कोषागार से जुड़ा केस है। इस मामले में लालू यादव, जगन्नाथ मिश्र समेत 38 लोग आरोपी थे। इन लोगों के खिलाफ CBI ने 27 अक्टूबर, 1997 को मुकदमा दर्ज किया था। 

इस मामले 23 दिसंबर को CBI की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद समेत 3 नेताओं, 3 IAS अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य तथा 8 चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को दोषी करार देकर जेल भेज दिया था। 

वहीं कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्या सागर निषाद, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, हार्दिक चंद्र चौधरी, सरस्वती चंद्र एवं साधना सिंह को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया था।

इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ 70 रुपये अवैध ढंग से निकासी करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में लालू प्रसाद, जगदीश शर्मा, राणा, पूर्व मुख्यमंत्री डा .जगन्नाथ मिश्रा समेत अन्‍य आरोपियों को सजा हो चुकी है और वे हाईकोर्ट से जमानत प्राप्त कर रिहा हुए हैं।