लालू का नीतीश पर बड़ा हमला- बताया भस्मासुर

नई दिल्ली(27 जुलाई): महागठबधंन टूटने के बाद लालू यादव आज नीतीश कुमार पर जमकर बरसे। लालू नीतीश पर जमकर भड़ास निकालते हुए उन्हें 'भस्मासुर' तक कह डाला। साथ ही दावा किया, 'राज्य का विकास करने वाला मुख्यमंत्री उसे विनाश की तरफ ले गया।' 

- लालू ने नीतीश पर गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, नीतीश ने ही उन्हें चारा घोटाले में सजा दिलाई। साथ ही सीबीआई -ईडी के साथ मिलकर उनपर केस करवाया। 

- लालू ने मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को जोरदार तरीके से निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बापू की हत्या करने वाले का मंदिर बनाने की कोशिश करने वाले लोग मोदी और शाह के कुल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष की कहानी सुनाई। बताया कि किस तरह इमर्जेंसी में उन्होंने तत्कालीन सरकार से मोर्चा लिया। वहीं, आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी के नेता तत्कालीन कांग्रेस सरकार से माफी मांगकर जेलों से छूटे। आरजेडी प्रमुख ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिन और हर भारतीय के खाते में 15 लाख देने का प्रलोभन देकर देश की जनता को बेवकूफ बनाया। 

- आरजेडी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक स्तर को गिराते हुए 'बिलो द बेल्ट' बातें कीं। लालू के मुताबिक, मोदी कहते थे कि लालू जेल जाएंगे और अपने बेटों को राजनीति में स्थापित कर रहे हैं। लालू के मुताबिक, मोदी ने नीतीश के डीएनए पर सवाल उठाए। उन्होंने 'पाकिस्तान में पटाखे फूटने' वाले बयान और गोमांस को बीजेपी द्वारा चुनावी मुद्दा बनाए जाने का भी जिक्र किया। लालू के मुताबिक, मोदी के झांसे के पूरा देश आ गया, लेकिन उन्होंने उन्हें बिहार से खाली हाथ लौटा दिया।

- लालू ने आरोप लगाया कि चारा घोटाले में उनको सजा दिलाने में नीतीश कुमार का भी हाथ है। लालू के मुताबिक, नीतीश और बीजेपी वालों ने मिलकर उनके खिलाफ साजिश रची और लोअर कोर्ट में दोषी करार दिलवाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश यह ढोंग करते रहे कि वह कभी कम्युनल फोर्सेज से समझौता नहीं करेंगे, लेकिन बाद में बीजेपी के साथ मिलकर उनको सजा दिलवा दी। लालू ने नीतीश को अवसरवादी बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कभी कहते थे कि वह मिट्टी में मिल जाएंगे, लेकिन कभी बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएंगे। 

- नीतीश कुमार की भ्रष्टाचार को लेकर कथित जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर लालू बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि आपके 'बेदाग बाबू' और 'मेरे छोटे भाई' नीतीश पर हत्या का मुकदमा है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार पर सीताराम सिंह नाम के शख्स की हत्या का आरोप है। लालू ने पूछा कि नैतिकता की बात करने वाले नीतीश कुमार इतने वक्त से कुर्सी पर कैसे बैठे हुए थे। लालू ने चुनौती दी कि अगर उनके आरोप झूठे हैं तो मीडिया इसे वेरिफाई कर सकता है। लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने अपना कुर्ता पायजामा और ज्यादा उजाला दिखाने के लिए बीजेपी और आरएसएस के साथ मिलकर यह साजिश रची। लालू के मुताबिक, यूपी के सबसे भ्रष्ट अफसरों में शुमार एक अधिकारी नीतीश कुमार के सलाहकार हैं और उनके ही इशारों पर नीतीश कदम उठा रहे हैं। 

- लालू ने कहा कि नीतीश अपने लोगों के जरिए पूरे देश में नकली इमेज बनाने में जुटे थे कि वह 'पीएम मटीरिअल' हैं। उन्होंने कहा कि इन सब चीजों के बावजूद जब भी किसी किस्म का दुष्प्रचार हुआ, वह नीतीश के साथ खड़े रहे। लालू ने कहा, 'मैंने नीतीश को टीका लगाकर कहा कि जाओ राज करो।' लालू ने दलील दी कि अगर उनके मन में खोट होता तो सबसे ज्यादा विधायकों वाली पार्टी होने के नाते अपने बेटे तेजस्वी को सीएम बनाते। लालू ने तेजस्वी की तारीफ करते हुए कहा कि उनका बेटा उनसे बेहतर ढंग से लोगों से बात करता है। उनके मुताबिक, तेजस्वी ने बतौर डेप्युटी सीएम अच्छा काम किया। लालू के मुताबिक, सरकार बनाने के लिए नीतीश उनकी सीढ़ियों पर आए थे। उनका मन नहीं था और जीतनराम मांझी को सीएम बनाना चाहते थे। लालू ने दावा किया कि नीतीश ने कहा कि आने वाले भविष्य में उनके बेटों को ही कमान संभालनी है, इसलिए इस बार उन्हें मौका दिया जाए। आरजेडी अध्यक्ष के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने नीतीश के नाम पर मुहर लगा दी।

- लालू ने नीतीश की शराबबंदी की मुहिम की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार में दारू की होम डिलिवरी हो रही है। लालू के मुताबिक, उन्होंने नीतीश को इस पहल से पहले कहा था कि जमीनी स्तर पर इसे लागू करने में दिक्कत आएगी, लेकिन वह नहीं माने। आरजेडी लीडर के मुताबिक, चूंकि उनकी ही सरकार थी, इसलिए वह ढककर चल रहे थे। 

- आरजेडी प्रमुख ने आरोप लगाया कि तेजस्वी के भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर इस्तीफे की बात सिर्फ बहाना है, बीजेपी और नीतीश दोनों ने पहले ही 'मैच फिक्स' कर रखा था। आरोपों पर तेजस्वी द्वारा सफाई दिए जाने पर लालू ने कहा कि जेडीयू कोई कानूनी एजेंसी नहीं थी, जिसके सामने सफाई देनी थी। अगर सीबीआई सफाई मांगती तो वह दे देते। नीतीश के 'कफन में जेब नहीं होती' वाली टिप्पणी पर लालू बेहद नाराज दिखे। उन्होंने कहा, 'आपके (नीतीश) कफन में तो झोला है।' आरजेडी प्रमुख ने पूछा कि जब नीतीश ने तेजस्वी का इस्तीफा नहीं मांगा, आरजेडी ने सीएम को कोई तकलीफ नहीं दी तो नीतीश ने ऐसा कदम क्यों उठाया? लालू के मुताबिक, वकीलों ने तेजस्वी के आरोपों पर पब्लिक डोमेन में अपनी बात न रखने की सलाह दी थी।

- लालू ने डेप्युटी सीएम और सीनियर बीजेपी नेता सुशील मोदी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सुशील मोदी को 'स्टेपनी' करार दिया। लालू ने कहा, 'वह पहले भी नीतीश के स्टेपनी थी, अब दोबारा से स्टेपनी बन गए हैं।' लालू ने कहा कि नीतीश की वजह से वह काफी वक्त से चुप थे, लेकिन अब वह सब कुछ खुलकर रखेंगे। लालू के मुताबिक, सुशील मोदी को यह काम सौंपा गया था कि वह पब्लिकली उनकी छवि खराब करें। 

- लालू प्रसाद यादव ने बिहार के गवर्नर केशरीनाथ त्रिपाठी को भी निशाने पर लिया। लालू ने कहा कि आरजेडी द्वारा रात 11 बजे का समय लेने के बावजूद गवर्नर ने हड़बड़ी में नीतीश कुमार और बीजेपी के लोगों को सरकार बनाने की मंजूरी दी दी। लालू ने कहा, 'यह बिलकुल फिक्स मैच था बीजेपी आरएसएस का।' उन्होंने कहा कि नीतीश का दिन में इस्तीफा, उसी दिन बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक, बीजेपी विधायक दल की बैठक और गवर्नर को बुलाए जाने से उनके कान खड़े हो गए। उन्हें पूरा शक था कि गवर्नर नीतीश और बीजेपी के लोगों को बुलाकर कागज दे देंगे। लालू ने पूछा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद गवर्नर ने आरजेडी को मौका क्यों नहीं दिया? अगर आरजेडी बहुमत साबित नहीं कर पाती तो दूसरे को मौका दिया जाता या राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाता। 

- लालू ने आरोप लगाया कि आरजेडी की गवर्नर से मीटिंग फिक्स होता देख नीतीश ने आनन-फानन में गुरुवार शाम 5 बजे के बजाए सुबह 10 बजे ही शपथ लेने का फैसला कर लिया। इसके अलावा, रात को सभी विधायकों को गलत ढंग से रोककर रखा गया। लालू ने ऐलान किया कि वह गवर्नर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने एसआर बोम्मई केस का उदाहरण देते हुए कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से आरजेडी का दावा सबसे ज्यादा मजबूत था। लालू ने बताया कि वह अपनी कानूनी लड़ाई के लिए सीनियर वकील राम जेठमलानी से संपर्क करेंगे।