तेज की सगाई में पिता लालू के ना होने पर तेजस्वी ने लिखी 'दिल की बात'

नई दिल्ली(19 अप्रैल): बड़े भाई तेज प्रताप यादव की सगाई में पिता लालू प्रसाद यादव के शामिल नहीं हो पाने पर बिहार के पूर्व डेप्‍युटी सीएम तेजस्‍वी यादव भावुक हो गए और फेसबुक पर दिल की बात लिखकर साझा किया। 

- तेजस्‍वी यादव ने कहा कि उनके जीवन का यह पहला मौका जब उन्‍हें पिता जी की कमी बहुत खली। बता दें कि लालू यादव के सगाई में नहीं शामिल हो पाने पर तेज प्रताप भी काफी दु:खी थे और ट्वीट किया था, 'मिस यू पापा।'

- तेजस्‍वी ने लिखा, 'हम सभी नौ भाई-बहनों ने जीवन के हर सफर की शुरुआत हमेशा हमने पिताजी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेकर ही किया है लेकिन कल मन थोड़ा व्यथित था। तेज भाई के नए सफर की शुरुआत में उनका (लालू यादव) विराट व्यक्तित्व शारीरिक रूप से ख़ुशी की घड़ी में हमारे साथ शरीक नहीं था। सुख के क्षणों में हमने पिता की कमी महसूस की। हालांकि मानसिक और वैचारिक रूप से सदैव वह हमारे संग रहते हैं।' 

- उन्‍होंने कहा, 'बचपन से सुनते आया हूं। वह हमें अक्सर कहते हैं जो जनसेवा को समर्पित हो उसका कोई निजी जीवन नहीं होता। निजी खुशियां नहीं होती और निजी दुःख नहीं होता। जन-जन के संघर्ष के आगे परिवार की खुशियों का कोई मोल नहीं है। भाई के सगाई समारोह में पिता जी की यही बात बार-बार याद आ रही थी। भाई के नए सफर पर पिता के आशीर्वाद का हाथ उनके सिर पर नहीं था, ये शायद पहली बार था।' 

- आरजेडी नेता ने लिखा, 'पिता की कमी बहुत खली, लेकिन उनकी ये सीख हमारे साथ रही कि निजी सुख-दुःख से ऊपर होकर हमारा जीवन बिहार के लिए समर्पित है और रहेगा। कई बार समझौते आपको और आपके परिवार को सुकून के पल और खुशियां दे जाते हैं। मेरे पिता ने आवाम के हितों से कभी समझौता नहीं किया। विकट से विकट परिस्थिति में भी भी अपने विचार, नीति और सिद्धांत को नहीं छोड़ा और यही कारण है कि सुखद क्षण में वह हमारे साथ नहीं है।' 

- तेजस्‍वी ने लिखा, 'मुझे गर्व की अनुभूति होती है कि मैं एक ऐसे पिता का बेटा हूं जिसने अपना जीवन बिहार, बिहार के लोगों के लिए, शोषितों, पीड़ितों, वंचितों और दबे-कुचलों के लिए समर्पित कर दिया। जिसे जेल जाना मंजूर था लेकिन झुकना नहीं। बिहार की इस संघर्ष यात्रा में ख़ुशी के पल भी कुछ उदास हैं लेकिन हमारे साथ हमारे पिताजी का दिया आत्मबल और विश्वास है। हम भी साधारण इंसान हैं, इसलिए दु:ख हुआ लेकिन बिहार के लोगों के मान-सम्मान की लड़ाई में यह दु:ख बहुत छोटा पड़ गया। सत्यमेव जयते।' 

दिल की बात- “बड़े भाई तेज़ की सगाई और पिता श्री @laluprasadrjd जी की अनुपस्थिति” हम सब भाई-बहनों ने जीवन के हर सफ़र की शुरुआत पिताजी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेकर ही की है लेकिन कल मन थोड़ा व्यथित था कि तेज़ भाई के नए सफ़र की शुरुआत में..https://t.co/57mQjBBoSi

— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 19, 2018