लालू ने पकड़ी नितीश से अलग राह, नोटबंदी पर करेंगे अपनी ही सरकार का विरोध !

नई दिल्ली (28 दिसंबर): नितीश और लालू में मतभेद हैं ये तो सभी को पता है लेकिन नोटबंदी पर ये मतभेद खुलकर सामने आ गये हैं।  नोटबंदी के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के धरने से जब जदयू ने  किनारा किया तो लालू यादव ने कहा कि  ‘ईगो’ के चलते कुछ लोग उनके धरने में शामिल नहीं होना चाहते हैं। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि इसे महाठबंधन के बिखराव के रूप में नहीं देखना चाहिए। लालू प्रसाद ने धरना कार्यक्रम के एक दिन पूर्व पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि महागठबंधन में हालांकि एकता है। उन्होंने कहा, “नोटबंदी से जनता परेशान है। हमलोगों को कोई उपाय नहीं दिखा तो धरना देने का फैसला किया है। हमारी पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से धरना देगी।” 

लालू ने कहा, “इसके बाद मैं खुद पूरे बिहार में घूमूंगा और जनता को नोटबंदी के खिलाफ एकजुट करूंगा। इसके बाद पटना में विशाल रैली भी करेंगे। इसके लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात हुई है। कांग्रेस भी नोटबंदी के खिलाफ कार्यक्रम बना रही है। लालू के इस बयान से स्पष्ट हो गया कि वो नितीश के फैसले के खिलाफ हैं। अगर वो नोटबंदी के खिलाफ बिहार में घूमने का फैसला कर ही चुके हैं तो इसका मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि वो अपने सहयोगी दल के मुख्यमंत्री के खिलाफ जनमत तैयार करेंगे।  लालू ने घोषणा की है कि नोटबंदी के खिलाफ आरजेडी सभी जिला मुख्‍यालयों पर 28 दिसंबर से जुलूस रैली करेगी। इसके बाद 2017 की शुरुआत में पटना में एक बड़ी रैली भी की जाएगी। नीतीश कुमार से उलट, लालू लगातार नोटबंदी का विरोध करते रहे हैं।