सऊदी अरब क्राइसिस: कहां-कहां से कब-कब, कितने भारतीय हुए एयरलिफ्ट

नई दिल्ली (4 अगस्त): सऊदी अरब में अपनी नौकरी खो चुके 10,000 भारतीयों की आस जग चुकी है। वतन वापसी को बेकरार इन लोगों के लिए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह जेद्दा पहुंच चुके हैं। खाड़ी देशों में रह रहे भारत के लोगों की हालत ऐसी है कि 3,172 कामगारों को रियाद में महीनों से वेतन नहीं मिला। 2,450 कामगार जेद्दा, मक्का और ताइफ के कैंप में हैं। इससे पहले विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने सऊदी अरब के राजदूत सउद बिन मोहम्मद अल साती से मुलाकात कर भारतीयों की स्थिति पर चर्चा की।

यह पहली बार नहीं है जब विदेश में परेशान भारतीयों की वतन वापसी के लिए सरकार आगे आई है। इससे पहले भी लाखों भारतीयों को देश बुलाया जा चुका है। विदेश से भारतीयों की वतन वापसी के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं...

> 1990-91 में 1 लाख 70 हजार लोगों को कुवैत से 500 विमानों में भारत लाया गया था। > 2006 में 2000 लोगों को लेबनान से रेस्क्यू कर भारत लाया गया। इन्हें जहाज और एयरक्राफ्ट के जरिए। > 2011 जनवरी-फरवरी में 670 लोगों को इजिप्ट से रेस्क्यू किया गया। इन्हें स्पेशल एयर इंडिया फ्लाइट्स के जरिए भारत लाया गया। > साल 2011 के फरवरी-मार्च महीने में लीबिया से 15,000 भारतीयों की वतन वापसी कराई गई। > अप्रैल 2011 में 800 भारतीयों को यमन से वापस लाया गया। > साल 2014 में यूक्रेन से 1,000 लोगों को सुरक्षित भारत लाया गया। > 2015 में कुल 5,600 लोगों को लीबिया से बचाया गया। इसमें 4,640 भारतीय शामिल थे। > 2015 के मार्च-अप्रैल में 4,200 भारतीयों और 500 विदेशियों को यमन से निकाला गया। > 2016 में अब तक 156 लोगों को साऊथ सूडान से भारत लाया जा चुका है।