महिलाओं की सुरक्षा में दिल्ली आज भी फिसड्डी

नई दिल्ली (7 जून): निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के तमाम वादे किए गए। कानून में बदलाव भी हुआ, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली के हालात नहीं बदले हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज़ से दिल्ली आज भी फिसड्डी साबित हो रही है।

हालात कितने भयावह हैं इसकी गवाही खुद दिल्ली पुलिस के आंकड़े देते हैं। 2015 के आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में हर 4 घंटे में रेप की 1 वारदात रिपोर्ट हुई है। 2015 में बलात्कार की वारदातों में 1.52 फीसदी का इज़ाफ़ा हुआ है। जबकि, 2015 में रेप के 2 हज़ार 199 मामले सामने आए। इसी तरह 2014 में ये आंकड़ा 2 हज़ार 166 था।

साल 2012 में निर्भया कांड के बाद सख्त कानून बना, रेप जैसे संगीन अपराध के लिए मौत की सज़ा का भी प्रावधान कानून में किया गया। लेकिन हालात नहीं बदले। वर्ष 2012 से 2015 के बीच रेप की वारदातों में 3 गुना इज़ाफ़ा हुआ है।