अपने खाते को बनाएं केवाईसी, जमा करें कितनी भी रकम

नई दिल्ली (19 दिसंबर): नोटबंदी के 41वें दिन आरबीआई ने गाइडलाइंस जारी कर कहा है कि अगर किसी खातेधारक का खाता केवाईसी नहीं है तो वह अपने अकाउंट में सिर्फ 50 हजार रुपये ही जमा कर सकता है। इसी के साथ अगर आपका खाता केवाईसी है तो आप एक बार में कितना भी पैसा जमा कर सकते हैं।

क्या है केवाईसी:

केवाईसी, नो योर कस्टमर का छोटा रूप है। एक ऐसा शब्द जो ग्राहक की पहचान प्रक्रिया के दौरान उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया के जरिए खाते के असली मालिक की पहचान, पैसे का सोर्स, ग्राहक के बिजनेस का नेचर के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जाता है।

इसके अलावा यह भी जानने की कोशिश की जाती है कि उसके खातों से होने वाला लेन-देन उसके बिजनेस के मुताबिक है या नहीं। इस बारे में पता होने से बैंक अपने जोखिम का प्रबंधन ज्यादा सक्षम तरीके से कर पाते हैं। केवाईसी गाईडलाइन का मतलब जानबूझ कर या अनजाने में की जाने वाली आपराधिक गतिविधियों और मनी लांडरिंग पर अंकुश लगाना है।

केवाईसी से क्या करता है बैंक:

बैंक कस्टमर की विस्तृत जानकारी के आधार पर उसका प्रोफाइल तैयार करता है जिसमें उसके सोशल, फाइनेंशियल स्टेट्स, बिजनेस का नेचर, उसके ग्राहकों के संबंधित सूचना, बिजनेस और उसका लोकेशन, खाता खोलने का उद्देश्य और कारण, फंड का स्रोत, मासिक आमदनी, संभावित मासिक निकासी जैसे बिंदुओं पर गौर किया जाता है। जब किसी ग्राहक के खाते में धन के प्रवाह और उसकी व्यवसायिक गतिविधियों के बीच तालमेल कम हो जाता है तो बैंक आपसे अतिरिक्त जानकारी की मांग कर सकता है। यह केवल इस बात की तसल्ली के लिए किया जाता है कि कहीं खाते का इस्तेमाल मनी लांडरिंग, आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों के लिए तो नहीं हो रहा है।