IS आतंकियों को ये महिलाएं भेज रहीं हैं जहन्नुम

नई दिल्ली(11 जुलाई): एक आईएसआईएस आतंकवादी के लिए मारा जाना तो बुरा होता ही है, लेकिन अगर वह एक महिला द्वारा मारा जा रहा है तो और भी बुरा है। आईएसआईएस आतंकियों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो वे सीधे नरक में जाता है। अगर नरक मौजूद है तो बाकी इस चीज का आश्वासन देता है कि उनको कुर्द महिलाओं ने वहां भेजा है। 

कम से कम 7,000 से 10,000 महिलाएं YPG नाम की एक शाखा बनाती हैं। ये सभी महिलाएं 18 से 25 साल की उम्र की होती हैं। मार्क्सवादी-लेनिनवादी विचार से प्रभावित जेल में बंद पीकेके संस्थापक अब्दुल्ला Ocalan , कुर्द नेशनलिस्ट पार्टी की मांग है कि लैंगिक समानता को फिर से लागू किया जाए, जिसके की महिलाओं की मुक्ति पार्टी की राष्ट्रवादी परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक बन जाए। आईएस राजनीतिक और क्षेत्रीय लाभ की वजह से महिलाओं के अधिकारों की कटौती करता है, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है।

कुर्दिस्तान तुर्की, सीरिया , इराक और ईरान के कुछ हिस्सों के अंतर्गत आता है, जो विशेष रुप से वहां के लोगों को कमजोर करता है। 20 वीं सदी में तुर्क साम्राज्य के पतन के बाद , मित्र देशों की सेनाओं , साम्राज्य के पूर्व सीमाओं के भीतर कई देशों बनाने का प्रयास किया कुर्दिस्तान उनमें से एक रहा है। इस कारणों की वजह से ऐसा नहीं हो रहा है और कई कुर्दिशों का खुद का राज्य तक नहीं है।