#KumbhManthan: संविधान बचेगा तभी आस्था बचेगी- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जनवरी): संगम नगरी में प्रयागराज में 15 जनवरी से कुंभ आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन से पहले आपका पसंदीदा चैनल न्यूज 24 ने दिल्ली के अंबेडक्टर सेंटर में आज कुंभ मंथन का आयोजन कर रहा है। इस कुंभ मंथन देश के बड़े धर्मगुरु, संत और योगाचार्य समेत तमाम सियासी दलों के नेता शामिल हो रहे हैं। इस कुंभ मंथन की शुरुआत स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने भारत के ऐतिहासिक, सांस्कृति, धार्मिक विषयों के साथ-साथ विश्व पटल पर भारत की ताजा स्थिति है और भारत कैसे धीरे-धीरे विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर है विस्तार से चर्चा की। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ऐसे तो कुंभ मेले को लेकर दुनियाभर के लोगों में खासा उत्साह रहता है, इसबार के कुंभ मेले को लेकर लोगों में कुछ ज्यादा ही है और ये इसलिए संभव हो रहा है क्योंकि खुद प्रधानमंत्री मोदी इसमें खास रूचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो भी कल प्रयागराज  जाएंगे कुंभ मेले में शामिल होंगे।  उन्होंने कहा कि अभी कुंभ शुरू भी नहीं हुआ है कि प्रयागराज में 115 देशों के लोग पहुंच चुके हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है और कुंभ मेले से दुनियाभर के लोग यही संदेश लेकर भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से देशभर में देशभक्ति का संदेश जाएगा।

अयोध्या में जन्मभूमि पर राम मंदिर बनने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण उसी जगह पर हो जहां भगवान राम पैदा हुए। जिस तरह से मक्का और वैटिकन को कहीं और शिफ्ट नहीं किया जा सकता उसी तरह अयोध्या में उस जगह से राम मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जा सकता जहां भगवान राम पैदा हुए थे। लिहाजा हमें आपस में एक-दूसरे के साथ बैठक इस मसले को सुलझाना चाहिए। मोदजी कल ही कह सकते थे कि राम मंदिर बनेगा और यह करोड़ों लोगों की आस्था है। लेकिन वह जानते हैं कि सब्र का फल मीठा होता है। उन्होंने कहा कि संविधान बचेगा तभी आस्था बचेगी। आस्था अकेले शख्स की होती है, लेकिन संविधान हर नागरिक का होता है। बाकी धर्म भी यही कहते हैं शांति होना चाहिए। हम बड़े भाग्यशाली है कि हमारा जन्म इस देश में हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि  गाय धार्मिक मुद्दा नहीं है। गाय नहीं बचेगी तो आपके पास उर्वरक वाली खेती नहीं बचेगी। पानी कम होता जा रहा है। 2030 में पीने वाला आधा जल खत्म हो जाएगा। केवल एक गोबर की खेती से आप अपनी धरती, पानी और खुद को बचा सकेंगे। भारत की धरती से दूर रहने वालों के दिल में आज भी गंगा बहती है। इस देश की धरती को बचाने के लिए गंगा की जरूरत है।

इस मौके पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने प्रधानमंत्री मोदी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार बिना संस्कार के नहीं चलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगेगा कि मैं नरेंद्र मोदी की बात क्यों कर रहा हूं। लेकिन मैंने उनको तब से देखा है जब वह सीएम और पीएम भी नहीं थे। मैंने उनको दो कपड़ों में देखा है। मैंने उनको अमेरिका में भारत के लिए गरजते हुए देखा है। जब नरेंद्र मोदी अमेरिका में जाते हैं और उनकी शेर के जैसी एंट्री होती है। तब राष्‍ट्रगान बजता है और मैंने देखा है कि उस वक्त वहां का माहौल क्या होता है। लोगों का सीना चौड़ा हो जाता है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती की बड़ी बातें...

- इस बार का कुंभ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्यूंकि प्रधानमंत्री खुद इसमें रूचि ले रहे हैं

- सरकार  से चलाई जा सकती है लेकिन बिना संस्कार के नहीं चलाई जा सकती

- कुंभ में मैं कल जाऊंगा, लेकिन वहां पर वाईफाई आज से शुरू हो गया

- भारतीयों के लिए एक संदेश हैं क‍ि वहां पर संदेश छूपा है

- हम वोट और नोट के लिए नहीं जिएंगे। भारत को गुरु बनाना नहीं है, वह है

- अभी कुंभ शुरू नहीं हुआ है, लेकिन वहां पर 115 देशों के लोग खड़े हैं

- हम एक हैं और एक रहेंगे, इस कुंभ से यही संदेश देश जाएगा। इस देश का संविधान ही समाधान है

- हम अगर एक साथ बैठ जाएं तो सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा

- हर देश ने अमेरिका को कुछ ना कुछ बेचा है, लेकिन हमारे देश में उसको शक्तिशाली इंसान दिए हैं

- मैंने नरेंद्र मोदी को तब से देखा है जब वह सीएम और पीएम भी नहीं थे। मैंने उनको दो कपड़ों में देखा है। मैंने उनको अमेरिका में भारत के लिए गरजते हुए देखा है

- नरेंद्र मोदी जब भी अमेरिका में जाते हैं तब उनकी शेर के जैसी एंट्री होती है। तब राष्‍ट्रगान बजता है। लोगों का सीना चौड़ा हो जाता है

- देशभक्ति का संदेश पूरे देश में जाए, इसलिए कुंभ होता है

- अगर संविधान बचेगा तभी आस्था बचेगी। आस्था अकेले शख्स ही होती है, लेकिन संविधान देश के हर नागरिक के लिए होता है

- मैं भी चाहता हूं राम मंदिर बने, यह हमारी आस्था का विषय है। आप मक्के को कहीं ओर शिफ्ट नहीं कर सकते। आप वैटिकन को कहीं ओर शिफ्ट नहीं कर सकते

- हमें एक-दूसरे के साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए

- मोदजी कल ही कह सकते थे कि राम मंदिर बनेगा और यह करोड़ों लोगों की आस्था है। लेकिन वह जानते हैं कि सब्र का फल मीठा होता है

- बाकी धर्म भी यही कहते हैं कि शांति होनी चाहिए

- हम बड़े भाग्यशाली हैं कि हमारा इस देश में जन्म हुआ है

- गाय धार्मिक मुद्दा नहीं है। गाय नहीं बचेगी तो आपके पास उर्वरक वाली खेती नहीं बचेगी

- पानी कम होता जा रहा है। 2030 में पीने वाला आधा जल खत्म हो जाएगा

- केवल एक गोबर की खेती से आप अपनी धरती, पानी और खुद को बचा सकेंगे

- भारत की धरती से दूर रहने वालों के दिल में आज भी गंगा बहती है

- इस देश की धरती को बचाने के लिए गंगा की जरूरत है

न्यूज 24 के खास कार्यक्रम कुंभ मंथन में  स्वामी चिदानन्द सरस्वती और क्या कुछ कहा, जानने के लिए देखिए ये वीडियो...