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मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने साबित किया बहुमत

सदन में कुमारस्वामी के बहुमत परीक्षण से पहले पूर्व स्पीकर और स्वास्थ्य मंत्री केआर रमेश कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर चुने गए। बीजेपी से सुरेश कुमार और कांग्रेस-जेडीएस की तरफ से रमेश कुमार विधानसभा स्पीकर की रेस में थे, लेकिन शक्ति परीक्षण के कुछ देर पहले

नई दिल्ली (25 मई): कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने शुक्रवार को विश्वास मत हासिल कर लिया। इससे पहले सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनादेश बीजेपी के लिए नहीं था। बीजेपी ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही सदन से वॉकआउट कर दिया। येदियुरप्पा ने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की कर्जमाफी नहीं की तो वे सोमवार से राज्यव्यापी प्रदर्शन करेंगे।

सदन में कुमारस्वामी के बहुमत परीक्षण से पहले पूर्व स्पीकर और स्वास्थ्य मंत्री केआर रमेश कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर चुने गए। बीजेपी से सुरेश कुमार और कांग्रेस-जेडीएस की तरफ से रमेश कुमार विधानसभा स्पीकर की रेस में थे, लेकिन शक्ति परीक्षण के कुछ देर पहले ही बीजेपी ने अपने स्पीकर उम्मीदवार सुरेश कुमार का नाम वापस ले लिया था।

 हाइलाइट्स

- लोकतंत्र को बचाए रखने में विधानसभा, विधान परिषद और संसद की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है: पूर्व सीएम सिद्धारमैया- स्पीकर के पद की गरिमा बनाए रखने के लिए हमने स्पीकर के अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया: बीएस येदियुरप्पा- हमें खुशी है कि रमेश कुमार को स्पीकर चुना गया है और हम हरसंभव उनका साथ देने की कोशिश करेंगे: बीएस येदियुरप्पा- हम सदन में होनेवाली हर चर्चा में शामिल होंगे: बीएस येदियुरप्पा- बीजेपी ने शक्ति परीक्षण के कुछ देर पहले ही अपने स्पीकर उम्मीदवार सुरेश कुमार का नाम वापस ले लिया था।- पूर्व स्पीकर और स्वास्थ्य मंत्री के.आर. रमेश कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर बने।

- लोगों ने हमें राज्य के विकास के लिए चुना है, इसलिए सदन में हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए: सिद्धारमैया- 1994 से 2018 तक बहुत सारे बदलाव आए हैं। एक नेता के रूप में आपका अनुभव काफी काम आएगा: सिद्धारमैया

सीएम के रूप में जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने शपथ ली और आज विधानसभा में शक्ति परीक्षण होना है। गठबंधन के पास विधायकों की कुल संख्या 117 है, जिसमें कुमारस्वामी की पार्टी के 37, कांग्रेस के 78 और दो अन्य दल के विधायक हैं। कुमारस्वामी का दावा है कि वो बड़ी ही आसानी से सदन में अपना बहुमत साबित कर देंगे। आंकड़ों से भी यही साबित होता है।आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों में से 222 पर 12 मई को मतदान हुए थे और 15 मई को नतीजे आए थे, जिसमें बीजेपी के खाते में 104 सीटें गई थी। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, सरकार भी बनी। लेकिन फ्लोट टेस्ट में बीजेपी को करार झटका लगा।

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