आप के मंच से केजरीवाल पर विश्वास का हमला, कहा- 5 साल पहले वाला जोश कहां गया?

नई दिल्ली ( 26 नवंबर ): दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (आप) में चल रही अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आ गई है। पार्टी के पांचवे स्थापना दिवस को लेकर रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कुमार विश्वास को भी बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली के सीएम केजरीवाल और कुमार विश्वास के पास-पास तो बैठे, लेकिन दोनों के बीच आपस में कोई बात नहीं हुई।

राष्ट्रीय सम्मेलन में कुमार विश्वास को बोलने का मौका मिला तो वह किसी भी मुद्दे पर बोलने से चूके नहीं। एक तरफ अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना पार्टी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए अहंकार से बाहर निकलने की सीख दी तो दूसरी ओर खुद के पार्टी छोड़ जाने के कयासों पर भी खुलकर बोले। खुद को अभिमन्यु बताते हुए कुमार विश्वास ने कहा, 'षड्यंत्रकारी कहते हैं कि हम दूसरी पार्टी में चले जाएं या वहां चले तो नहीं जाएंगे, लेकिन मैं कहता हूं कि वहां तो अंधेरा है तो कैसे स्वराज का दीपक जलेगा। 'आप' के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में विश्वास ने पार्टी संयोजक केजरीवाल पर इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि चेहरा बनाने से आंदोलन खत्म हो जाएगा। कुमार विश्वास ने अपने भाषण के शुरुआत में ही कहा केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि 5 साल पहले वाला जोश कहां गया? उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता मेरे आज के भाषण को रिकॉर्ड करें और कार्यकर्ताओं को जरूर सुनाएं।

कुमार विश्वास ने कहा कि मेरे लिए आज का दिन भावुक है। उन्होंने कहा कि हमने जिस ऊंचाई से आंदोलन शुरू किया वहां से हम नीचे आ गए हैं। विश्वास ने कहा, देश को हमसे बहुत उम्मीद है। कुमार विश्वास ने खुद को किनारे लगाने के प्रयासों पर तंज कसते हुए कहा, 'बीते 8 महीनों से मैं बोला नहीं हूं, क्योंकि पीएसी की बैठक नहीं हुई। एक नेशनल काउंसिल हुई, लेकिन वक्ताओं में मेरा नाम नहीं था। बीते 7 महीने से हजारों कार्यकर्ताओं से मिलकर मैंने जाना कि 7 महीने से बोलने का अवसर न मिलने पर मुझमें इतनी बेचैनी है तो जो 5 साल से नहीं बोल पा रहे, उनमें कितनी बेचैनी होगी। 5 साल से कार्यकर्ताओं को नहीं सुना जा रहा है।