रियल हीरो थे गोपाल, 50 युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए किया था प्रेरित

अहमदाबाद (13 फरवरी): जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से लोहा लेते हुए रविवार को लांस लायक गोपाल सिंह भंदोरिया शहीद हो गए थे। गंभीर रुप से घायल होने के बाद भी गोपाल सिंह आतंकियों से लड़ते रहे और देश के चार दुश्मनों को मौके पर मार गिराया। गोपाल सिंह भंदोरिया अहमदाबाद के चमनपुरा इलाके के रहने वाले थे और कुछ समय पहले ही श्रीनगर की राष्ट्रीय राइफल्स में उनकी पोस्टिंग हुई थी।

गोपाल सिंह ने न सिर्फ भारतीय सेना का हिस्सा बनने के लिए 50 युवाओं को प्रेरित किया था बल्कि देश की सेवा का जज्बा उनमें इतना ज्यादा था कि उन्होंने यूनिवर्सिटी की पढ़ाई छोड़ आर्मी जॉइन कर ली थी।

गोपाल सिंह हमेशा अपने परिवार के लोगों से कहते थे कि वह देश के लिए जिएंगे और देश के लिए ही मरेंगे। गोपाल 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का भी हिस्सा थे। इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।

गोपाल के परिवार से अब तक 8 लोग भारतीय सेना का हिस्सा रह चुके हैं, उनके दादाजी भी देश के लिए शहीद हो गए थे। गोपाल का शव आज अहमदाबाद पहुंचेगा।