ये थी भारत की पहली चाइनामेन बोलर

नई दिल्ली(26 मार्च): धर्मशाला टेस्ट से टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले उत्तर प्रदेश के कुलदीप यादव भारतीय पुरुष टीम की ओर खेलने वाले पहले चाइनामैन बोलर बन गए। लेकिन कुलदीप यादव भारत के पहले चाइनामैन स्टाइल के गेंदबाज नहीं हैं।


- भारत की ओर से क्रिकेट खेलने वाले पहले चाइनामैन बोलर की बात करें, तो कोई पुरुष नहीं बल्कि भारतीय महिला टीम की ओर से खेलने वाली प्रीती डिमरी को चाइनावुमेन का श्रेय जाता है।


- क्रिकेट में चाइनामैन शब्द की बात करें, तो सन 1930 में इसकी शुरुआत हुई थी। वेस्टइंडीज के एलिस आचोंग, क्रिकेट इतिहास के पहले चाइनामैन बोलर के तौर पर जाने जाते हैं। इस बोलर ने जब इंग्लैंड के वॉल्टर रोबिन को अपना शिकार बनाया था, तो उन्होंने इस स्टाइल को चाइनामैन करार दिया था।


- चाइनामैन स्टाइल से बोलिंग करने वाली प्रीति डिमरी ने 2006 से 2010 तक भारत के लिए 2 टेस्ट और 23 वनडे खेले हैं। भारत की इस चाइनावुमैन बोलर के नाम 5 टेस्ट विकेट और 28 वनडे विकेट अपने नाम किए हैं।


क्या होती है चाइनामैन बोलिंग


यह बिल्कुल राइट आर्म लेग ब्रेक बोलिंग की तरह है, बाएं हाथ का स्पिन गेंदबाज जब गेंद को स्पिन कराने के लिए अपनी उंगलियों की बजाए अपनी कलाई का सहारा लेता है, तो वह चाइनामैन बोलिंग मानी जाती है। इस तरह के बोलर के पास गुगली, टॉप स्पिन और फ्लिपर जैसी विविधताएं होती है।