पाकिस्तान की शैतानी हरकत, जाधव की फांसी की सजा पर भारत में गुस्सा

नई दिल्ली (10 अप्रैल): भले ही भारत पाकिस्तान से संबंध सुधारने की कितनी भी कोशिशें क्यों न करे, लेकिन पाकिस्तान अपनी नापक हरसत से बाज नहीं आने वाला है। एकबार फिर पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान दोगला चेहरा सामने आया है। पठानकोट हमले में अपनी जिम्मेदारी से बचने की पाकिस्तान ने पहले सोची समझी साजिश के तहत पिछले साल ईरान से जाधव का अपहरण कर लिया और बिना किसी सबूत को उन्हे भारतीय खुफिया ऐजेंसी रॉ का एजेंट बताकर झूठे आरोप लगाते हुए फांसी की सजा देने का फरमान सुना दिया है।


पाकिस्तान की इस शैतानी हरकत से भारत में जबर्दस्त गुस्सा है। तमाम लोगों का मानना है कि अब वक्त आ गया है कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए। पूर्व रॉ चीफ ए.एस. दुलात का कहना है कि पाकिस्तान में कुछ भी संभव है। वहां जब पूर्व में एक प्रधानमंत्री को भी फांसी दे दी गई थी तो वो कुछ भी कर सकता है। आपको बता दें कि 1979 में अपने पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो को फांसी दे चुका है। 1977 में तत्कालीन पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल मोहम्मद जिया-उल-हक ने जुल्फीकार अली भुट्टों का तख्तापलट दिया। फिर केस चलाकर अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना फांसी की सजा सुना दिया। 3 अप्रैल 1979 को शाम 6 बजे उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई और महज 8 घंटे में 4 अप्रैल रात 2 बजे उन्हें फांसी पर लटका दिया।


पाकिस्तान ने जाधव पर देश में 'विध्वंसकारी गतिविधियों' की साजिश रचने का आरोप लगाया है। क्वेटा के आतंकवाद निरोधक विभाग ने जाधव के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जाधव को रिसर्च ऐंड अनैलेसिस विंग रॉ का एजेंट होने के आरोप में बलूचिस्तान के चमान इलाके से गिरफ्तार किया था। चमान अफगानिस्तान की सीमा से सटा है। लेकिन पाकिस्तान एक भी आरोप को साबित नहीं कर पाया और अब बेशर्मी से कह रहा है कि ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकते हैं।