कुलभूषण जाधव की मां ने दिया साहस का परिचय, ऐसे पाकिस्तान की शैतानी चाल को किया फेल


नई दिल्ली (28 दिसंबर): मां-मां होती है। कैसे भी हालात हो मां हिम्मत नहीं हारती है। अपने बच्चों के लिए वो हर मुश्किलों का सामना वो हिम्मत से करती हैं। अपने बच्चों को बचाने के लिए वो हर मुमकिन कोशिश करती है। ऐसा ही कुछ इस्लामाबाद में उस वक्त देखने को मिला जब भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी उनसे मिलने इस्लामाबाद पहुंचीं। जाधव की मां अवंति जाधव ने मुलाकात के दौरान बेहद साहस का परिचय दिया और पाकिस्तान के कुटिल इरादे पर पानी फेर दिया। 

जाधव पाकिस्तान की तरफ से दाखिल की गई चार्जशीट का उल्लेख कर रहे थे, तभी उन्होंने अपने बेटे को बीच में टोकते हुए कहा, 'तुम क्यों ऐसा कह रहे हो? तुम तो ईरान में बिजनस कर रहे थे जहां से तुम्हें अगवा किया गया। तुम्हें सच बताना चाहिए।' जाधव ने बहुत विचित्र तरीके से उनका अभिवादन किया था। वह उन आरोपों को कबूलते हुए लग रहे थे, जो पाकिस्तान ने उनपर लगाए हैं और जिसका भारत विरोध कर रहा है। पाकिस्तान ने उनपर भारतीय जासूस होने और आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

परिवार को 22 महीने बाद देखने के बाद उनकी जो प्रतिक्रिया होनी चाहिए थी, वह वैसी नहीं थी। यह व्यवहार उनकी मां को हजम नहीं हो रहा था। 70 वर्षीय अवंति पाकिस्तानी अधिकारियों के डरा देने वाली निगरानी के बीच अपने बेटे को यह कहने में सफल रहीं कि वह पाकिस्तानी सेना और आईएसआई द्वारा दी गई स्क्रिप्ट न पढ़ें। अवंति के साहस ने संभवतः उन पाकिस्तानी अधिकारियों के काम पर पानी फेर दिया है जो परिवार के समक्ष जाधव के 'कबूलनामे' की रिकॉर्डिंग को भारत और उनके खिलाफ मजबूती से पेश करने की योजना बना रहे थे।