कुलभूषण जाधव मामलाः 18 साल बाद इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में आज फिर आमने-सामने होंगे भारत-पाकिस्तान

नई दिल्ली ( 15 मई ): भारत और पाकिस्तान सोमवार को करीब 18 साल बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में आमने-सामने होंगे। भारत पूरी दुनिया के सामने पूर्व नौ सेना अधिकारी कुलभूषण जाधव (46) की बेगुनाही का सुबूत रखेगा। यह साबित करेगा कि जाधव को पाकिस्तान ने जासूसी के झूठे मामले में कैसे फंसाया। 


बता दें कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनाई है। इससे पहले 1999 में पाकिस्तानी नौसैनिक विमान को मार गिराने के मामले में दोनों देश इस न्यायालय में आमने-सामने आए थे। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख न्यायिक निकाय आईसीजे, सोमवार को नीदरलैंड के हेग स्थित पीस पैलेस के ग्रेट हॉल ऑफ जस्टिस में इस मामले की सार्वजनिक सुनवाई करेगा। यहां जाधव मामले पर दोनों पक्षों से अपना मत रखने को कहा जाएगा।


भारत ने 8मई को इस अंतरराष्ट्रीय अदालत में याचिका दायर की थी। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान ने विएना समझौते का उल्लंघन कर उसके पूर्व नौसैनिक अधिकारी से राजनयिक संपर्क के आवेदन को लगातार 16 बार खारिज कर दिया। इसके अलावा पाकिस्तान ने जाधव के परिवार के वीजा आवेदन का भी कोई जवाब नहीं दिया।


इससे पहले पाकिस्तानी नौसैनिक विमान को मार गिराने के मामले में दोनों देश अंतराष्ट्रीय न्यायालय में आए थे। भारतीय वायु सेना ने 10 अगस्त, 1999 को कच्छ क्षेत्र में पाकिस्तानी नौसेना के विमान 'अटलांटिक' को मार गिराया था। विमान में सवार सभी 16 नौसैनिक कर्मी मारे गए थे। पाकिस्तान का दावा था कि विमान को उसकी ही वायुसीमा में मार गिराया गया, लिहाजा उसने भारत से छह करोड़ अमेरिकी डॉलर के हर्जाने की मांग की थी।


21 जून, 2000 को अदालत की 16 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान के दावे को 14-2 के बहुमत से खारिज कर दिया था। यह फैसला अंतिम था और इसके खिलाफ कोई अपील संभव नहीं थी।