यह महिला बनेगी पाकिस्तान में पहली हिंदू महिला सीनेटर

नई दिल्ली (22 फरवरी): पाकिस्तान से ज्यादातर अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें की आती है। ऐसे में यह खबर किसी हिंदू महिला को वहां पर सीनेटर बनाए जाते की खबर अपने आप में राहत देने वाली है। खबर के अनुसार, कृष्‍णा कुमार कोहली इस मुस्लिम बहुल देश में पहली हिंदू महिला सीनेटर होंगी।

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने 39 वर्षीया कोल्ही का नामांकन पत्र मंजूर कर लिया है। सत्तारूढ़ पीपीपी ने अल्पसंख्यक के लिए सीनेट की एक सीट पर उन्हें नामित किया है, जिसका चुनाव तीन मार्च को होगा। पीपीपी के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘कोल्ही पाकिस्तान में सीनेटर बनने वाली पहली दलित महिला होंगी।’’

पहले गैर-मुस्लिम सीनेटर को नामित करने का श्रेय भी पीपीपी के पास है, जिसने 2009 में एक दलित डॉ. खाटूमल जीवन को सामान्य सीट से सीनेटर चुना था। इसी तरह 2015 में सीनेटर चुने जाने वाले इंजीनियर ज्ञानीचंद दूसरे दलित थे। उन्हें भी पीपीपी ने सामान्य सीट से उतारा था। कृष्‍णा कुमारी एक कोहली परिवार से आती है और वह एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर अपने भाई के साथ पीपीपी में शामिल हुई थीं। बाद में उन्हें बेरेनो से यूनियन काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया।

कृष्णा का जन्म 1979 में सिंध के नगरपारकर जिले के एक दूरदराज गांव में हुआ था। उनके परिवार के सदस्यों ने एक जमींदार की एक निजी जेल में करीब तीन साल गुजारे। कृष्‍णा कुमारी ने 16 वर्ष की उम्र में लालचंद से विवाह किया था और उस समय वह नौंवी ग्रेड की पढाई कर रही थीं। हालांकि उन्होंने अपनी पढाई जारी रखी और वर्ष 2013 में उन्होंने सिंध विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।