जन्माष्टमी:58 साल बाद बना विशेष योग

नई दिल्ली(25 अगस्त): जन्माष्टमी पर इस बार फिर वही योग बन रहा है, जो 58 साल पहले था। गुरुवार को दिन में 3 बजकर 21 मिनट से रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी, हर्षण का जयंती योग बना रहा है। चूंकि कृष्ण का जन्म रात में हुआ था, इसलिए इसका मान 25 और 26 अगस्त के बीच की रात ही माना जाएगा। पंडित सिया राम तिवारी के अनुसार रोहिणी नक्षत्र का मान 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। 

पूजा का शुभ समय

ऐसी मान्यता है कि यह भगवान कृष्ण का 5243वां जन्मोत्सव है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में रात के 12 बजे हुआ था। इसलिए हर साल भगवान का जन्मोत्सव रात के 12 बजे ही मनाया जाता है। इस साल भी पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त रात 12 बजे से लेकर 12.45 तक है। और व्रत के पारण का समय 26 अगस्त शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक।

कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर देशभर के मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। कहीं झांकियां बनाई गई हैं तो कहीं विशेष पालने का इंतजाम है। लखनऊ के मंदिरों में भी कहीं लड्डू गोपाल साठ हजारी ड्रेस पहनेंगे तो कहीं उनका फलों के रस से अभिषेक किया जाएगा। यही नहीं इस बार आम झांकियों के साथ डिजिटल झांकी का भी इंतजाम है। इस मौके पर भक्त पूरा दिन व्रत रखेंगे।

माधव मंदिर डालीगंज में दही हांडी डालीगंज के माधव मंदिर मे भगवान कृष्ण बनारसी वस्त्रों में नजर आएंगे। पहली बार श्रीनाथजी के जन्म के समय भक्त अपने घर से लाए गए मिष्ठान का भोग लगा सकेंगे। गुरुवार को 8 बजे से ही श्रीकृष्ण की रास लीलाओं का प्रदर्शन शुरू हो जाएगा। रात 9 बजे से दक्षिणावर्त लक्ष्मी शंख से भगवान श्रीकृष्ण का पंचाभिषेक विधान किया जाएगा। दही हांडी कार्यक्रम में 15 फिट की ऊंचाई पर 15 ग्वालों का दल मटकी फोड़ेगा।

इस्कॉन मंदिर में 60 हजारी ड्रेस

श्री गौर राधाकृष्ण उत्सव समिति की ओर से बांसमंडी के पास इस्कॉन मंदिर में लड्डू गोपाल का फलों के रस से अभिषेक करवाने के बाद भगवान कृष्ण की प्रतिमा को 60 हजार रुपए की खास ड्रेस पहनायी जाएगी। वहीं, सुशांत गोल्फ सिटी के इस्कॉन मंदिर में कान्हा की सुन्दर प्रतिमा वृदांवन से मंगवाई गई है। यहां कान्हा रत्नजड़ित 70 हजार के वस्त्राभूषणों से सजाए जाएंगे।