इरान पर ट्रंप और पुतिन आमने सामने, 16 दिन में ही टूटी दोस्ती

नई दिल्ली ( 6 फरवरी ): रूस ने साफ कर दिया है कि ईरान को लेकर डोनल्ड ट्रंप की राय से सहमत नहीं है। अमेरिका ने ईरान को नंबर 1 आतंकवादी देश की संज्ञा दी है। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने कहा कि वह तेहरान के साथ अपने अच्छे रिश्तों को और भी बेहतर बनाने के लिए इच्छुक है। रूस ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की भी आलोचना की है।

पिछले दिनों फॉक्स न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर टिप्पणी की थी। ट्रंप ने कहा था कि ईरान का अमेरिका के प्रति पूर्ण रूप से अवहेलना का भाव है। क्रेमलिन ने इसी संदर्भ में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ईरान को अपना दोस्त बताया है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कॉव ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 'ईरान के साथ रूस के दोस्ताना संबंध हैं। हम विस्तृत और व्यापक मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। अपने व्यापार हितों का आदर करते हैं और उसे आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।'

रूस ने इसके अलावा ईरान के हालिया 'बलिस्टिक मिसाइल' परीक्षण पर भी उसका समर्थन किया है। अमेरिका ने ईरान के बलिस्टिक मिसाइल परीक्षण से भड़ककर उसपर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिका ने 13 नागरिकों और दर्जनों कंपनियों पर बैन लगाने का ऐलान किया है। रूस ने इन प्रतिबंधों के लिए अमेरिका की आलोचना की है और कहा है कि इस परीक्षण ने किसी समझौते का उल्लंघन नहीं किया।

हालांकि क्रेमलिन के प्रवक्ता ने साफ किया कि ईरान पर नीतिगत भेद की वजह से अमेरिका और रूस के आपसी रिश्तों पर असर नहीं पड़ेगा। दमित्री ने कहा कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मॉस्को और वॉशिंगटन की राय जुदा है। उन्होंने कहा कि जब बात आपसी रिश्ते की आती है तो इनसे कोई फर्क नहीं पड़ता।