भारत से रिश्ते सुधारने में चली गई कुर्सी: KP ओली

नई दिल्ली (25 जुलाई): नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे से पहले अपने भाषण में उन्होंने आरोप लगाया कि नेपाली कांग्रेस और माओवादी पार्टियों ने उनके खिलाफ एक साजिश के तहत काम किया। 

- रिपोर्ट के मुताबिक, ओली ने कहा कि भारत और चीन से संबंध सुधारने को लेकर उठाए गए कुछ अच्छे कदमों की सजा उन्हें दी गई।   - माओवादियों की तरफ से समर्थन वापस लेने और सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर ओली ने ये आरोप लगाए। - ओली ने बीते साल अक्टूबर में ही नेपाल की सत्ता संभाली थी।  - नेपाल में बीते 10 सालों में आठवीं सरकार है।  - दो बड़े सहयोगी दलों द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद ओली पर इस्तीफे का दवाब था।  - मधेसी पीपल्स राइट्स फोरम और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने ओली के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था। - ओली पर उनके सहयोगी दलों ने पुराने वादे याद न रखने का आरोप लगाया था।  - ओली ने कहा, "इस वक्त सत्ता में परिवर्तन का यह खेल खेला जाना अपने आप में संदेहास्पद है।"  - ओली ने कहा कि उन्होंने जब सत्ता संभाली थी, तो नेपाल के पड़ोसी देश भारत से संबंध बेहद तनावपूर्ण थे।  - उन्होंने कहा, अपने प्रयासों से उन्होंने इन संबंधों में नई जान डाली। भारत के साथ रिश्ते सामान्य हुए। उन्हें इन्हीं अच्छे कामों की सजा दी जा रही है।