जमीन विवाद में साध्वी को जिंदा जलाया, अस्पताल में मौत

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (5 दिसंबर): यूपी में बुलंदशहर की आग अभी शांत नहीं हुई थी कि शाहजहांपुर के तिलहर में जूना अखाड़े की साध्वी कोयल गिरी को जमीन विवाद में ज़िंदा जला दिया। बरेली के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।

साध्वी को बीते 23 नवंबर की रात जिंदा जला दिया गया था और बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। 24 नवंबर देर कोयल गिरी की मां ने तिलहर कोतवाली में सुशील बाबू, अनिल गुप्ता, पंकज गुप्ता, अनुराग गुप्ता और दौलत गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन का इन्हीं लोगों ने फर्जी बैनामा करा लिया था, जिस पर कब्जा करने के प्रयास के तहत वह लोग आए दिन धमकाते थे।

दरअसल, 23 नवंबर की शाम 8:00 बजे कोयल गिरी लखनऊ से अपने घर लौट रही थी कि इसी दौरान उनको रास्ते में आरोपियों ने पकड़ लिया और गंदी-गंदी गालियां देते हुए उनके कपड़े फाड़ दिए। इस दौरान साध्वी ने भागने की भी कोशिश की तभी आरोपियों ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।

साध्वी बनने से पहले उनका नाम सीमा था, बाद में जब उन्होंने दीक्षा ली तो वो सीमा से साध्वी कोयल गिरी बन गई। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले लखनऊ में मन कामेश्वर मठ से दीक्षा ली थी। साध्वी कोयल गिरी 2012 में पीस पार्टी से तिलहर विधानसभा से चुनाव भी लड़ी थी।

भले ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बात करते रहें, लेकिन अपराधियों के हौसलों को देखकर यह कतई भी नहीं लगता की उनको किसी भी बात का डर है। अगर प्रदेश में ऐसी ही घटनाएं खुलेआम होती रहीं, तो वह दिन दूर नहीं जब उत्तर प्रदेश देश में अपराध की श्रेणी में सबसे ऊपर होगा। ऐसे में योगी को प्रदेश में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर चिंतन करने की जरूरत है।