कोटक महिंद्रा बैंक में 34 करोड़ कालाधन जमा करने के मामले में 2 गिरफ्तार

नई दिल्ली ( 23 दिसंबर ): शुक्रवार को दिल्ली में केजी मार्ग पर कोटक महिंद्रा बैंक की ब्रांच में आयकर विभाग ने छापा मारा। छापेमारी के दौरान कोटक महिंद्रा बैंक के 9 फर्जी अकाउंट में 34 करोड़ के अघोषित धन जमा कराने के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

मामले में गिफ्तार किए गए लोगों के नाम राजकुमार गोयल और रंजीत हैं। कोटक महिंद्रा बैंक में खुले 9 फर्जी अकाउंट में 34 करोड़ के पुराने नोट जमा करने मामले में बैंक मैनेजर और बैंक स्टाफ की मिली भगत शामिल थी। यह पैसा दिल्ली के कई बड़े ज्वैलर्स का बताया जा रहा है। जिन्होंने पुराने नोट को नए नोट में तब्दील करवाया है। मामले को ED को ट्रान्सफर किया गया है। इस मामले का खुलासा दिल्ली के सीआर पार्क में कार्पोरेशन बैंक के एक धोखाधड़ी के मामले के बाद सामने आया। इन दोनों पर जीके-2 में कॉर्पोरेशन बैंक में एक खाता से 57.7 लाख रुपए निकालने का भी आरोप है।

आयकर विभाग के अधिकारियों ने बैंक में फर्जी खातों को लेकर बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की। छापे में कई फर्जी बैंक खातों का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि आठ फर्जी खातों में करीब 32 करोड़ रुपये की रकम जमा की गई थी। आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो राधिका जेम्स नाम की कंपनी के खाते में 36.40 करोड़ रुपये जमा हुए। इसके बाद ये पैसा एक्सिस बैंक में एनसी ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर किया गया।

इसके अलावा, कोटक महिंद्रा बैंक में 8 और खातों में 32.25 करोड़ रुपये जमा हुए। ये खाते राजकुमार और रमेश चांद नाम के शख्स चला रहे थे। ये 8 खाते भी फर्जी कंपनियों के नाम से खोले गए। इन खातों से पैसा ट्रांसफर कराने के लिए फर्जी नामों से डिमांड ड्राफ्ट जारी किए गए। आयकर विभाग ने सभी डिमांड ड्राफ्ट को फ्रीज़ कर दिया है।

ये पैसे जिन 8 अकाउंट में जमा हुए हैं वो इस प्रकार हैं। इस अकाउंट को मुख्य रूप से रमेश चंद्र और राजकुमार द्वारा संचाचित किया जाता था।

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