200 करोड़ की ब्लैकमनी को बदलवाने में लगा था यह मैनेजर

प्रशांत देव, नई दिल्ली (29 दिसंबर): ईडी की टीम को पारसमल से पूछताछ के दौरान पता चला कि दिनेश भोला नाम का एक शख़्स रोहित टंडन का साथी है, जो ब्लैकमनी को सफेद करने के लिए लगातार लोढ़ा के सम्पर्क में था। लोढ़ा दुनिया भर के कई हवाला ऑपरेटरों के संपर्क में था और अब तक इसने करोड़ों की ब्लैकमनी को सफेद करवाया है। ईडी को रोहित टंडन के दफ्तर से बरामद करोड़ों के कैश मामले में बड़े सुराग मिले थे। इसके आधार पर दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग के कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजर आशीष कुमार को गिरफ्तार किया था। इस मैनेजर पर लोढ़ा और टंडन के इशारे पर कालेधन को सफेद करने का आरोप है


आरोपी मैनेजर ने बताया कि वो खुद रोहित टंडन के छतरपुर के फार्म हाउस गया था, जहां से उसे 5 करोड़ रुपये के पुराने नोट मिले थे। इसके बाद उसने रोहित के कहने पर ही करीब 38 करोड़ रुपये के पे-ऑर्डर और डीडी बनवाए थे। उसने 13 करोड़ के नोट बदले थे। आरोपी मैनेजर ने ये भी कबूला है कि वो नार्थ दिल्ली के एक बड़े तम्बाकू कारोबारी के 200 करोड़ की ब्लैकमनी को बदलवाने में लगा हुआ था।


पारसमल लोढ़ा और रोहित टंडन के बीच 25 साल पुराने बिजनेस रिलेशन हैं। अब इस बिजनेस की असलियत सामने आ रही है। दरअसल ये दोनों चेन्नई के बालू माफिया जे शेखर रेड्डी के साथ मिलकर देश भर के बड़े कारोबारियों, नेताओं और अफसरों की ब्लैकमनी को व्हाइट करवाते थे। और ये सब बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा था।


अब तक की जांच में रोहित टंडन की 72 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा हुआ है। इस बीच चेन्नई से पारसमल लोढ़ा की निशानदेही पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महावीर हिरानी और अशोक नाम के ये इन दोनों लोगों ने जे शेखर रेड्डी के 7 करोड़ के पुराने नोट नई करेंसी से बदलवाए थे। सूत्रों की मानें तो अकेले जे शेखर रेड्डी के ब्लैक-एंड-व्हाइट के पूरे खेल का आंकड़ा करीब 5 से 7 हज़ार करोड़ के करीब है।