सरकार की राडार पर आए यह बैंक, आपने भी जमा किए पैसे तो जरूर पढ़ें खबर...

प्रशांत देव, नई दिल्ली (28 दिसंबर): नोटबंदी के बाद से कुछ बैंकों की शाखाओं में काले धन को सफेद करने का धंधा जमकर किया गया। एक्सिस बैंक के बाद अब कोटक महिंद्रा बैंक की कुछ शाखाए जांच एजेंसियों के राडारा पर हैं। प्रवर्तन निदेशलय ने कार्रवाई करते हुए कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है।

मैनेजर पर आरोप है कि इस शाखा से करीब 34 करोड़ रूपए जो ब्लैक मनी थी, उसे यहां जमाकरा कर सफेद किया गया है। मैनेजर पर आरोप है कि उसने 35 फीसदी कमीशन पर काम किया है और रिश्वत की रकम पुरानी करेंसी जो बंद हो चुकी है, उसमें लिया है। सीए और एंट्री आपरेटर की मदद से फर्जी कंपनियों में रकम ट्रांशफर की गई। जिसमें ब्रांच मैनेजर आशीष की मिलीभगत पाई गई है।

जिस तरह से एक्सिस बैंक की शाखाओं में में पैसे जमा हुए, यहां वैसा नहीं किया गया। अब तक एक फर्जी कंपनी दूसरी फर्जी में आरटीजीएस को जरिए फंड ट्रांसफर किए जा रहे थे, लेकिन कोटक महिंद्रा बैंक में जो फंड जमा हुए। उसके लिए दूसरी कंपनी के नाम डिमांड ड्राफ्ट जारी कर दिए गए।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार जमा की गई रकम बड़े राइस मिल कारोबारियों के एकाउंट में ट्रांसफर की गई है। यानि डिमांड ड्राफ्ट राइस मिल कंपनी के नाम पर जारी किए गए और ऐसे राइस मिल मालिकों ने महंगे दामों में चावल की खरीद अपने खातों में दिखाई, क्योंकि चावल एक एग्रीकल्चर प्रडक्ट है और इस पर वैट नहीं लगता।

हालांकि अभी इस मामलों में कई खातों की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक कोलकाता व्यापारी पारसमल लोढ़ा और दिल्ली के वकील रोहित टंडन के अकाउंट की जानकारी इस शाखा में होने की बात सामने आई है। उसी केस के सिलसिले में ईडी ने यहां सर्वे करने के बाद ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया है। लेकिन अभी साफ नहीं है कि पारस और टंडन का इस केस से लिंक है या नहीं।

सूत्रों की मानें तो पारस और टंडन ने 1000 करोड़ से ज्यादा की ब्लैक मनी को सफेद करने में भूमिका निभाई है। वो रकम किसकी थी इसकी जांच की जा रही है। एक्सिस बैंक की तरह कोटक महिंद्रा बैंक की कुछ शाखाओं में पारस के एकाउंट का पचा चला है, जिसकी जांच की जा रही है।