अनाथ भाई बहन ने पुराने नोट बदलने के लिए PM को लिखा भावुक खत


कोटा (26 मार्च): नोटबंदी की मार अब भी लोगों पर देखने को मिल रहा है। ताजा मामला राजस्ता के कोटा का है। यहां के रहने वाले दो अनाथ बच्चों ने पीएम मोदी को खत लिखकर बंद हो चुके 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए भावुक अपील की है। सूरज और सलोनी नाम के दो अनाथ बच्चों ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि उनकी दिवंगत मां उनके लिए 500 और हजार के बंद हो चुके नोटों में करीब 96,500 रुपये छोड़ गई थी। इस रकम का पता भी तब चला जब नोट बदलने की अंतिम तिथि निकल चुकी थी। अनाथ भाई बहन ने अब इन्हें बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि उनकी मां ने मेहनत मजदूरी कर उनके लिए जो पुराने नोट जमा किए थे, उन्हें नोटबंदी की मार से बचा लो।


दरअसल, सूरज और सलोनी नाम के इन दोनों बच्चों के पिता की हाल ही में मौत हो गई है जबकि चार साल पहले मां की हत्या हो चुकी है। दोनों एक संस्था में रहकर गुजारा कर रहे हैं। बाल कल्याण समिति के आदेश पर पुलिस ने पिछले दिनों उनके गांव के पुश्तैनी मकान की तलाशी कराई तो सोने-चांदी के जेवरात और बक्से में एक हजार के 22 व 500 के 149 पुराने नोट मिले।


समिति ने नोटों को बदलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखा, लेकिन वहां से अनुमति नहीं मिली। यह रकम बच्चों की मां ने बच्चों के भविष्य के लिए जोड़ी थी, लेकिन अब यह किसी काम की नहीं रही। आरबीआई के इन पुराने बैंक नोटों को बदलने से इनकार करने के बाद बच्चों ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इन्हें बदलने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।


96,500 रुपये की यह रकम उनकी मां की जीवन भर की बचत है। उन्होंने बताया कि भाई इस रकम को अपनी बहन के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट कराना चाहता है। ऐसे में दोनों बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि हमारे मन की बात सुनिए। हमारी मां ने मजदूरी कर हमारे लिए जो रकम छोड़ी है उन रुपयों की एफडी करवा दें, जिससे हमारा भविष्य सुरक्षित हो सके।