ब्रैंड वैल्यू में विराट से पिछड़े धोनी

 नई दिल्ली (1 सितंबर): कभी सबसे ज्यादा मार्केट वैल्यू वाले क्रिकेटर रहे टीम इंडिया के वनडे और टी-20 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चमक अब फीकी पड़ती दिख रही है। दिसंबर 2014 में धोनी ने खुद को टेस्ट क्रिकेट से अलग कर लिया था, उनका कहना था कि सभी फॉर्मेट में खेल पाना उनके लिए संभव नहीं होगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा टेस्ट खेलने के बाद धोनी ने यह कहते हुए ब्रेक लिया था, 'टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों के चलते मेरे शरीर पर बहुत अधिक असर हुआ है।

धोनी ने भले ही अपने प्रदर्शन में सुधार के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट से ब्रेक लिया हो, लेकिन लगता है कि उनके इस फैसले से मार्केट में उनकी छाप कमजोर पड़ी है। कई बड़ी कंपनियों ने उनके साथ विज्ञापन करार को आगे नहीं बढ़ाया है। हाल ही में पेप्सीको ने उनके साथ 11 साल लंबे करार को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है, कंपनी ने उनकी बजाय विराट को अपना ब्रैंड अंबैसडर नियुक्त किया है।