जानिए क्या है शिरडी के साईं बाबा संस्थान के ट्रस्ट से जुड़ा विवाद ?

                                                                                                                     Image Source: Google

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 नवंबर): करीब डेढ़ सौ साल पहले दुनिया को साईं बाबा ने ‘सबका मालिक एक’ का संदेश दिया था। आज दुनियाभर में दस हजार से ज्यादा साईं मंदिरों के माध्यम से करोड़ों साईंभक्त इस संदेश को दुनियाभर में पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन साईंबाबा की कर्मभूमि और उनके समाधि स्थल शिर्डी में पिछले साढ़े चार साल में बहुत कुछ बदल गया है।जी हां, बता दें कि 2016 में शिर्डी संस्थान में भाजपा से जुड़े लोगों की ट्रस्टियों के रूप में नियुक्ति के बाद साईं मंदिर के भगवाकरण को गति मिली और ‘ॐ श्री साईंनाथाय नम:’ के प्रसार के प्रयास शुरू हुए। हालांकि, यह प्रयास पहले से जारी थे, पर पिछले साढ़े चार साल में इसमें काफी तेजी आई है। इतना ही नहीं अब साईं संस्थान के सारे प्रकाशनों और साईंबाबा के फोटो पर हमेशा विद्यमान रहने वाला ‘सबका मालिक एक’ का संदेश नज़र नहीं आता है। इसकी जगह ‘ॐ श्री साईंनाथाय नम:’ ने ले ली है।बता दें कि साईंबाबा शिर्डी में जहां साठ वर्षों तक रहे, उस जगह का उल्लेख द्वार कामाई मस्जिद के रूप में होता था, अब मस्जिद के साइनबोर्ड पर ‘द्वारकामाई मंदिर’ लिख दिया गया है। साथ ही मंदिर परिसर में दिशा बताने वाले बोर्ड और महत्वपूर्ण जगहों के कई साइन बोर्ड भी भगवा रंग में रंग दिए गए हैं।बता दें कि एक और खास बात यह है कि साईंबाबा समाधि के शताब्दी समारोह में हाल ही में स्थापित किए गए साईं ध्वज-स्तंभ पर भी ॐ बना दिया गया है। लोगों का कहना है कि साईंबाबा के सर्वधर्म समभाव के मुताबिक स्तंभ पर सर्वधर्म के प्रतीक होने चाहिए थे। साईं संस्थान शिर्डी के पूर्व प्रशासकीय अधिकारी सुभाष जगताप इसे साईं के सिद्धांतों से भटक जाना बताते हैं। वे कहते हैं, "साईंबाबा कहते थे कि राम-रहीम एक हैं, हिंदू-मुस्लिम एकता होगी तो ही परमार्थ साधा जा सकेगा।मानवता ही उनका धर्म था। यही वजह है कि उनके भक्तों में हर जाति-धर्म के लोग हैं। साईं सच्चरित्र में भी इसका उल्लेख है। बाबा की अनुमति से द्वारकामाई पर लगाए गए भगवा और हरे ध्वज इसी का प्रतीक हैं। वहां पूजा तो शुरू से ही हिंदू पद्धति से होती रही है लेकिन, हाल के वर्षों में सनातनी प्रभाव बढ़ा है।'