जानिए क्या है GST, आपकी जिंदगी पर इसका क्या असर पड़ेगा?

नई दिल्ली (23 जुलाई): देश में इस समय 'जीएसटी' को लेकर काफी हलचल है। राजनैतिक गलियारों से लेकर कॉरपोरेट में भी इसको लेकर चर्चा हो रही है। लेकिन आम जनता को अभी पूरी तरह ये समझना होगा। कि आखिर इसका क्या मतलब है और इससे उनके जीवन पर क्या असर पड़ेगा। आइए आपको बताते हैं कि क्या है आखिर ये जीएसटी।

- जीएटी यानि गुड्स एंड सर्विसेज़ के लिए टैक्स रेट एक होगा।
- भारत में 20 तरह के टैक्स लगते हैं और जब एक टैक्स इन सबकी जगह ले लेगा तो वो होगा जीएसटी. - ऐसे में माना जा रहा है कि इस बिल के पास हो जाने से टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन आसान होगा. - रोज़मर्रा के जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं जैसे कि मोबाइल हैंडसेट, कार, सिगरेट, शराब, आदि गुड्स में शामिल हैं. - सर्विसिज़ यानी टेलीकॉम, बुकिंग सेवाएं जिसके लिए 14 फीसद टैक्स देना होता है. - फिलहाल भारत में गुड्स और सर्विसेज़ के लिए अदा किए जाने वाले टैक्स की दरें अलग-अलग हैं. - सर्विसेज़ के लिए टैक्स की दर 14 फ़ीसदी है जबकि गुड्स के लिए टैक्स की दर अलग-अलग है.

छोटी गाड़ियां महंगी और बड़ी गाड़ियां सस्ती - छोटी गाड़ियों पर फिलहाल एक्साइज ड्यूटी 8 फीसदी लगती है जबकि एसयूवी जैसी बड़ी गाड़ियों पर ये दर 30 फीसदी है।  - साफ़ है अगर सभी राज्यों ने मिलकर जीएसटी की दर को 18 फीसदी तय किया तो छोटी गाड़ियां महंगी हो जाएंगी और बड़ी गाड़ियां सस्ती।

सभी सर्विसेज महंगी हो जाएंगी सभी सर्विसेज यानी सेवाएं अब महंगी हो जाएंगी।
टेलीकॉम, रेस्टोरेंट में खाना, हवाई टिकट, अस्पताल, स्टॉक ब्रोकर, ब्यूटी पार्लर, बीमा, ड्राई क्लीनिंग जैसी सेवाओं पर केंद्र सरकार सर्विस टैक्स लगाती है।
स्वच्छ भारत टैक्स और किसान कल्याण सेस (उपकर) मिलाकर ऐसी 100 से भी ज़्यादा सेवाएं हैं जिन पर टैक्स देना पड़ता है।
अगर सभी राज्य मिल कर 18 फीसदी की जीएसटी रेट तय करते हैं तो चपत सभी की जेब पर लगेगी.

रंग रोगन पेंट कंपनियों और कन्ज्यूमर कंपनियों को अभी कुल 22-23 प्रतिशत कर देना पड़ रहा है जबकि जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें केवल 18 प्रतिशत कर देना होगा।

100 देशों में लागू है जीएसटी - यूरोपियन यूनियन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और चीन जैसे देशों में भी यह लागू है। - कनाडा के मॉडल की बात की जाए तो वहां टैक्स की दरों का निर्धारण केंद्र सरकार करती है, लेकिन राज्य की सरकारों को इसे लागू करने या न करने की छूट रहती है। - ऑस्ट्रेलिया में केंद्र की सरकार ही जीएसटी का निर्धारण करती है और खुद ही वसूलती है।
- इसके बाद टैक्स में राज्यों की हिस्सेदारी के अनुसार उन्हें उनका हिस्सा दिया जाता है।
विश्व के अन्य देशों में जीएसटी की दरें सिंगापुर में 7 फीसदी जर्मनी में 19 फीसदी फ्रांस में 20 फीसदी स्वीडन में 25 फीसदी ऑस्‍ट्रेलिया में 10 फीसदी कनाडा में 5 फीसदी न्‍यूजीलैंड में 15 फीसदी पाकिस्‍तान में 17 फीसदी है।