जानिए, 'सरकारी फंडे' GST से आपको क्या सस्ता मिलेगा और क्या महंगा?

मनीष कुमार, नई दिल्ली (16 जून): सरकार एक नया कानून पास करवाने की पूरी तैयारी कर चुकी है- जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। हम बात कर रहे हैं-GST यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स की। सरकार ने इस कानून को लागू करवाने की डेडलाइन भी तय कर दी है। आपको बताते हैं कि GST से आपको क्या सस्ता मिलेगा और क्या महंगा मिलेगा? 

केंद्र सरकार एक ऐसा कानून अगले सत्र में पास करवाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। जिसका सौ फीसदी असर आपकी जेब पर पड़ना तय है। जी हां, GST यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स। ये एक ऐसा टैक्स सिस्टम है, जिसमें पूरे देश में सिर्फ एक बराबर टैक्स देना होगा। मतलब, आपकी जरुरत की हर चीज कार से लेकर घर और किचन के सामान से लेकर मोबाइल बिल तक पर असर पड़ना तय है। 

नया टैक्स सिस्टम आते ही छोटी कार सस्ती हो जाएगी। मसलन, छोटी गाड़ियों पर 12% एक्साइज लगती है। कई राज्यों में वैट लगता है। ऑल्टो कार पर करीब 30 हजार एक्साइज लगती है और इतना ही वैट। लेकिन, अगर ऑल्टों पर 18% GST देना पड़ा तो 60 हजार की जगह 45 हजार ही टैक्स लगेगा। मतलब, 15 हजार रूपये का फायदा। छोटी कार खरीदनेवालों को नए टैक्स सिस्टम से तगड़ा फायदा होगा। 

GST से महंगी होगी लग्जरी कार। वहीं, SUV जैसे कारें मंहगी होंगी। लग्जरी कारों पर 40% तक टैक्स लग सकता है। GST से सस्ता होगा घर बनाना। सीमेंट समेत घर बनानेवाली ज्यादातर चीजों पर फिलहाल वैट समेत 24.5% टैक्स लगता है, जो GST लागू होने के बाद से घटकर 18% पर आ जाएगा। वहीं, घर के रंग-रोगन में इस्तेमाल होनेवाला पेंट भी टैक्स का बोझ बहुत कम हो जाएगा। इससे आम आदमी के घर का सपना कम पैसे में पूरा होगा। 

सस्ता हो जाएगा केबल से टीवी देखना। केबल कंपनियों को फिलहाल 25% टैक्स चुकाना पड़ता है। लेकिन, जीएसटी लागू होने के बाद ये 18% पर आ जाएगा। इससे कंपनियां लोगों को सस्ती केबल सेवाएं दे सकेंगी। मोबाइल, होटल में खाना होगा महंगा। सेवाओं पर भी जीएसटी देना होगा। अब तक सिर्फ 14.5% सर्विस टैक्स लगता है। मतलब, 1000 रुपये के मोबाइल बिल पर 145 रुपये सर्विस टैक्स। लेकिन, नई टैक्स व्यवस्था में ये 18% देना होगा यानी 180 रुपये। इसी तरह रेस्टोरेंट में खाना भी महंगा हो होगा।

हवाई टिकट से बीमा तक सब महंगा। नया टैक्स सिस्टम लागू होने के बाद से हवाई सफर लेकर बीमा प्रीमियम तक महंगा हो जाएगा। ऑनलाइन शॉपिंग भी महंगी हो जाएगी। GST के चलते बाय वन गेट वन को बाय-बाय कर सकती हैं कंपनियां। मतलब, GST से जहां सामान सस्ता होगा तो सेवाएं महंगी होंगी। 

GST में तीन तरह की टैक्स दरों का सुझाव दिया गया है। जरुरी चीजों पर 12% टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है। बाकी सामानों पर 17-18% टैक्स का सुझाव दिया गया है। वहीं लक्जरी आइटम पर 40% टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है।

सरकार ने अगले साल अप्रैल से जीएसटी लागू करने की डेडलाइन तय की है। मॉनसून सत्र में संसद में GST बिल लाया जाएगा। मोदी सरकार ने देश के ज्यादातर राज्यों को तो साध लिया है। लेकिन, जयललिता की रजामंदी अभी नहीं मिली है। लेकिन, देश का आम आदमी अभी से जीएसटी से होनेवाले नफा-नुकसान का हिसाब लगा रहा है।