सेक्स लाइफ को हमेशा ऐसे रखे तरोताजा...

नई दिल्ली (19 जून): आजकल की भाग-दौड़ वाली जिंदगी में लोगों के अन्दर ताजगी और स्फूर्ति का लगातार आभाव हो रहा है। इसी वजह से उनके व्यक्तिगत जीवन में काफी हद तक परिवर्तन देखने को मिल रहे है।  इन सभी कारणों के चलते उनके निजी संबंधों में भी दिक्कतें आ रही है और इसका झलक आज समाज के ऊपर साफ़ तौर पर देखा जा सकता है।

बेहतर और सुखी जीवन के लिए आवश्यक है कि लोगों के भीतर सेक्स के प्रति संतुष्टि हो। बेहतर जीवन के लिए आवश्यक है कि आप योग के जरिये अपने जीवन के संतुष्ट कर सकते है। सुखी जीवन के लिए योग का बहुत अधिक महत्त्व है। अगर हम वेदों या फिर पुराने हिन्दू ग्रंथों की बात करें तो उनमें साफ़ तौर पर लिखा गया है कि सुखी जीवन शरीर, मन और प्राण सभीका पूर्णतः स्वस्थ होना आवश्यक है। शरीर, मन और प्राण को मजबूत बनाने के लिए प्राणायाम बहुत आवश्यक होता है।

सेक्स लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाना चाहते है तो आपको नियमित रूप से योग करना पड़ेगा। योग करने से आपकी लाइफ बिल्कुल चुस्त और दुरुस्त हो जायेगी। सेक्सलाइफस्टाइल में सुधार लाने के लिए कुछ निम्नलिखित योग बहुत ही महत्त्वपूर्ण है:

सूर्यनमस्कार: जैसा कि हम सभी जानते है कि सूर्य उर्जा का हमारे आसपास का सबसे बड़ा भण्डार है। इसीलिए सूर्य को प्रणाम करने वाले या फिर उनकी आराधना करने वालों के शरीर में भी कभी भी उर्जा और स्फूर्ति का नाश नहीं होता है और अगर आपके शरीर में उर्जा और शक्ति का प्रचुर मात्रा में संचार होगा तो आपकी सेक्स लाइफ भी बहुत ही अधिक सुखद होगी।

पद्मासन: पद्मासन आपकी सेक्सुअल लाइफ के लिए बहुत ही अधिक आवश्यक व्यायाम है। पद्मासन का सबसे अधिक प्रयोग योग की मुद्रा में योगियों के द्वारा किया जाता है। पद्मासन के जरिये ध्यान को एकाग्रचित किया जा सकता है। इस आसन को करने से आपके कूल्हों के जाइंट, मांसमेशियाँ, पेट, मूत्राशय और घुटनों में खिंचाव होता है, जिससे इनमें मजबूती आती है और यह सेहतमंद बने रहते हैं। इस मजबूती के कारण उत्तेजना का संचार होता है। उत्तेजना के संचार से आनंद का अनुभव बढ़ जाता है।

सिद्धासन बनाएं स्ट्रांग: सिद्धासन आसन का सबसे अधिक अभ्यास वह लोग करते है, जिन्हें ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। यह आसन ब्रह्मचर्य की रक्षा करने वाला आसन होता है। ब्रह्मचर्य से ताकत बढ़ती है। यह आसन अस्वाभाविक कामवासना को शांत कर मन को चंचलता से दूर रखता है। बवासीर तथा यौन रोगों में यह आसन बहुत ही लाभप्रद माना गया है।

प्राणायाम: प्राणायाम का मतलब है- प्राणों का विस्तार। दीर्घ श्वास-प्रश्वास से प्राणों का विस्तार होता है। एक स्वस्थ मनुष्य को एक मिनट में 15 बार श्वास लेनी चाहिए। इस तरह एक घंटे में उसके श्वासों की संख्या 900 और 24 घंटे में 21600 होनी चाहिए। भरपूर सेक्स के लिए जरूरी है भरपूर श्वास, भरपूर ऑक्सिजन। प्राणायाम से जहां तनाव खत्म होता है वहीं इससे दिमाग भी दुरुस्त होता है।