भारतीयों के पास कितना है सोना, जानिए इस Golden Secret की पूरी ABCD

डॉ. संदीप कोहली, नई दिल्ली (30 जुलाई): भारत सोने की चिड़िया रहा है, यह बात यूं ही नहीं बोली जाती। सोने के साथ भारत के लोगों का लगाव सदियों पुराना है। आखिर क्या है सोने का ऐसा आकर्षण कि हर कोई इसके मोहपाश में बंधा रहता है। हमारे देश में कुछ रीति-रिवाज भी ऐसे हैं कि सोना सभी के सिर चढ़कर बोलता है। कोई शादी ऐसी नहीं होती जहां सोने की जरूरत नहीं पड़ती। यहां हम इसी सोने की बताने जा रहे हैं पूरी ABCD...

भारत में करीब 22,000 टन सोना मौजूद... वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 22,000 टन सोना मौजूद है। जी हां 22 हजार टन सोना, जो करीब 65 लाख करोड़ रुपये का है। इसके बावजूद भारत दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर देश है। ऐसे में अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए हर वर्ष 900-1,000 टन सोना आयात किया जाता है।

केंद्रीय बैंक के पास 557.7 टन सोना रिजर्व है... वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल के मुताबिक, दिसंबर 2015 तक भारत के केंद्रीय बैंक के पास 557.7 टन सोना रिजर्व है। यदि इस सारे सोने को ट्रकों में भरा जाए तो यह लगभग 56 ट्रक के बराबर होगा। औसतन एक ट्रक में 10 टन वजन के बराबर सामान लोड किया जाता है।

मंदिरों के पास मौजूद है 3 से 4 हजार टन सोना... प्राचीन मंदिरों के पास आभूषण, सोने के सिक्के और तमाम किस्म का चढ़ावा उपलब्ध है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार भारत के मंदिरों में करीब 3 से 4 हजार टन सोना पड़ा है। यह केंटकी के फोर्ट नॉक्स में सुरक्षित अमेरिकी सरकार के कुल सोने के भंडार से भी 2/3 गुना ज्यादा है। देश के बड़े मंदिरों में इस बेशुमार सोने को हिफाजत के लिए कहीं पर तहखाने बनाए गए हैं तो कहीं सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

     - तिरूपति बालाजी मंदिर- भारत के धनी मंदिरों की लिस्ट में पहले स्थान पर तिरुपति बालाजी मंदिर है। आंध्रप्रदेश स्थित तिरुपति के खजाने में लगभग 250-300 टन ज्वेलरी है (जिसमें जनता के चढ़ावे से साथ-साथ 1,000 साल पुराने प्राचीन सोने के गहने और अलग-अलग राजाओं द्वारा दिए गए आभूषण) साथ ही अलग-अलग बैंकों में मंदिर का 4,500 किलो सोना जमा और मंदिर के पास 1,000 करोड़ के रुपए फिक्स्ड डिपॉजिट हैं

     - पद्मनाभस्वामी मंदिर- केरल की राजधानी थिरुअनंतपुरम के पद्मनाभस्वामी मंदिर में अरबों रुपए का खजाना मिलने का दावा किया गया है। इस मंदिर के बारे में यहां तक कहा गया कि इसके तहखानों में 1300 टन हीरे- जवाहरात, आभूषण और सोने के सिक्के मौजूद हैं। शयन मुद्रा में विराजमान विष्णु भगवान की मूर्ति वाला पद्मनाभस्वामी मंदिर दुनिया का सबसे अमीर मंदिर कहा गया। लेकिन अभी पूरी सम्पत्ति दुनिया के सामने नहीं आई है।

     - शिरडी का साईं बाबा मंदिर- भारत के मशहूर धनी मंदिरों में शिरडी के साईं बाबा मंदिर का नाम भी शामिल है। इस मंदिर में दर्शन के लिये हर दिन लाखों की संख्‍या में भक्‍त आते हैं। एक अनुमान के मुताबिक इस मंदिर में 376 किलो से ज्यादा सोना है।  मंदिर के नाम पर करीब 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ 3,000 किलो चांदी भी है।

     - वैष्णो देवी मंदिर- आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक माता वैष्णो देवी के खजाने में 193.5 किलो किलो से ज्यादा सोना है। माता के मंदिर की देखरेख करने वाली बोर्ड(श्राइन बोर्ड) ने एक आरटीआई से मांगी जानकारी में बताया था कि 2009 से 2014 के दौरान 193.54 किलो सोना भक्त ने चढ़ाया है।

     - सिद्धिविनायक मंदिर- सिद्धि विनायक के पास 160 किलो सोना मौजूद है। मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर करीब 200 साल पुराना है। यह भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। इस सोने की कीमत लगभग 67 मिलियन डॉलर यानी 417 करोड़ रुपये के करीब आंकी गई है।

     - जगन्नाथ मंदिर- ओडिशा के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित 12 सदी में बने जगन्नाथ मंदिर में 208 किलों के सोने के आभूषण हैं। लेकिन कुल कितना सोना है इसका पूरा अनुमान नहीं है।

सोना आयात में भारत अव्वल

भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत में सोने का प्राकृतिक भंडार बड़ी संख्या में नहीं पाया जाता है। ऐसे में हमें विदेश से सोने का आयात करना पड़ता है। भारत सालाना 900 से 1000 टन सोना आयात करता है। सरकार को उम्मीद है कि गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम कामयाब हो जाने की स्थिति में कुल सोने का आयात एक तिहाई तक कम हो जाएगा। कच्चे तेल के कुल 34 % आयात के बाद 12 % सोने- चांदी का आयात देश में होता है, जो कि कमोडिटी के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा आयात है।

दुनियाभर के देशों में कितना सोना मौजूद है...

वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल के मुताबिक, दुनिया में 1,71,300 टन सोना मौजूद है। जिसमें से 84,300 टन आभूषण के रुप में, 33,000 टन सिक्के और ईंटे, दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों के पास 29,500 टन और गोल्ड इंडस्ट्री के पास 20,800 टन और 3700 टन बेनामी है जो जिसमें से ज्यादातर तस्करी का सोना है...

सोने का दुनिया में दूसरा बड़ा उपभोक्ता देश भारत अब भंडार के मामले में विश्व के 10 शीर्ष देशों में शामिल हो गया है। भारत में हर साल लगभग 900-1000 टन सोने की खपत है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल  की हाल में जारी रिपोर्ट को आधार मानकर फोर्ब्स ने दुनिया में सबसे अधिक सोने के भंडार वाले टॉप-10 देशों की लिस्ट जारी की है। किस देश के पास कितना सोना...

अमेरिका-- 8133.5 टन जर्मनी-- 3381.3 टन इटली-- 2451.8 टन फ्रांस-- 2435.4 टन चीन-- 1762.3 टन स्विटजरलैंड-- 1040.1 टन जापान-- 765.2 टन नीदरलैंड्स-- 612.5 टन भारत-- 557.7 टन ताइवान-- 423.6 टन

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम- घरों और मंदिरों में रखे सोने को निकलवाना चाहती है सरकार

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (जीएमएस) की घोषण बजट 2015 में की गर्इ थी। इस नर्इ योजना का शुभारम प्रधानमंत्री मोदी ने 5 नवम्बर 2015 को किया है। जीएमएस, गोल्ड डिपाजिट स्कीम 1999 के स्थान पर लार्इ गर्इ है। गोल्ड़ डिपाजिट स्कीम के तहत किसी व्यक्ति की डिपजिट बकाया है,तो उसे रखने की अनुमति दी जायेगी, बशर्ते वह परिपक्कता अवधि के पूर्व ही डिपाजिट को नहीं निकाल लें।

- इस स्कीम में ग्राहकों को अपने सोने को कम से कम एक साल के लिए गोल्ड को बैंक के पास जमा करना होगा। - बैंक को ब्याज दरें तय करने का अधिकार है। - ग्राहकों को गोल्ड सेविंग्स अकाउंट खुलवाना होगा। - इस स्कीम के तहत कम से कम 30 ग्राम सोना जमा किया जा सकता है। - ग्राहकों के पास ये अधिकार है कि वो भुगतान सोने या कैश में करवा सकते है।

आपके सोने का होगा क्या- गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत सोने को पिघला कर सोने का बिस्किट बनाया जाएगा और ज्वेलरी में जितना सोना होगा, उसे जमाकर्ता के नाम में जमा कर दिया जाएगा। सोने को जमा करने वाले व्यक्ति को उसी दिन से ब्याज मिलना शुरू होगा। अगर कोई समय से पहले इस स्कीम से बाहर निकलना चाहता है तो उसके बाजार भाव के हिसाब से ब्याज के साथ राशि का भुगतान किया जाएगा या अगर ग्राहक चाहे तो अपने सोने के साथ ब्याज भी ले सकता है।

कम से कम 30 ग्राम सोना रखना होगा बैंक- स्वर्ण बांड पर ब्याज की दरें तय करने का अधिकार बैंकों को ही दिया जाएगा। मंत्रालय ने इस पर दो जून 2015 तक प्रतिक्रिया मंगाई है। जमा कराने वाले सोने का वजन कम से कम 30 ग्राम होना चाहिए।

रिजर्व बैंक ने बदले नियम- गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को ग्राहकों के और अनुकूल बनाने के लिए रिजर्व बैंक ने जनवरी 2016 में कहा कि जमाकर्ता अब मीडियम टर्म (5 से 7 साल) और लॉन्ग टर्म (12 से 15 साल) के तहत जमा किए गए सोने को मिनिमम लॉक इन पीरियड के बाद मैच्योरिटी पीरियड से पहले निकाल सकते हैं।

सरकार स्कीम को और आकर्षक बनाने जा रही है- सरकार गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को आकर्षक बनाने में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक एमएमटीसी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत जमा सोने की नीलामी के लिए आकर्षक नियम लेकर आने वाला है। सूत्रों का कहना है कि सोने की नीलामी की तैयारी शुरू हो गई है और गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत जमा सोने की नीलामी होगी। एमएमटीसी सोने का ई-ऑक्शन करेगा और ई-ऑक्शन का ड्राफ्ट तैयार है।  सूत्रों की मानें तो ड्राफ्ट के मुताबिक नीलामी में गोल्ड का मिनिमम लॉट साइज 5 किलो होगा। एक बार में 10 लॉट से ज्यादा के लिए नीलामी नहीं होगी। नीलामी में हिस्सा लेने के लिए बेस प्राइस का 10 फीसदी जमा करना होगा। नीलामी जीतने के बाद 5 दिनों के भीतर पूरी रकम जमा करानी होगी। नीलामी में रखे जाने वाले सोने की प्योरिटी का सर्टिफिकेट होगा।

देश में सोने की तस्करी भी बड़े स्तर पर होती है...

    * विश्व गोल्ड काउंसिल के आंकलन के मुताबिक भारत में साल 2014 में लगभग 200 टन सोना स्मग्लिंग के जरिए भारत में आएगा।     * वहीं काउंसिल के मुताबिक पिछले साल 2013 में 150 से 200 टन के बीच सोना भारत में स्मग्लिंग करके लाया गया था।     * अगस्त 2013 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गोल्ड इंपोर्ट नियमों को सख्त करते हुए 80-20 नियम को लागू किया था।     * इसके जरिए विदेश से आए कुल सोने का 20 फीसदी ज्वैलरी बनाने के बाद इंपोर्ट करना जरूरी है।     * इस नियम के मुताबिक, जबतक एक्सपोर्टर का 75 फीसदी सोना देश से बाहर नहीं जाता तब तक वह नए सोने को इंपोर्ट नहीं कर सकेगा।     * काउंसिल के मुताबिक, साल 2014 में देश की गोल्ड डिमांड 850-950 टन है। साल 2013 में यह डिमांड 974 टन थी।     * कस्टम विभाग के ताजा आकड़ों के मुताबिक अकेले मुबंई एयरपोर्ट से 900 किलो सोना जब्त किया गया।    * जनवरी से अब तक मुंबई एयरपोर्ट से 900 किलो सोना जब्त हुआ था।     * दुबई, बैंकॉक, सिंगापुर, मस्कट, कुवैत, हांगकांग से सबसे ज्यादा तस्करी होती है।