स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो जानें पहले प्रोसेसर

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 12 जून ): लोग जब भी नया स्मार्टफोन खरीदने के लिए जाते हैं तो अक्सर कन्फूयज हो जाते हैं कि इसका प्रोसेसर अच्छा होगा या नहीं। आपको बता दें कि किसी भी स्मार्टफोन की स्पीड और उसमें टास्किंग का लेवल प्रोसेसर पर निर्भर करता है। एंड्रॉयड वर्ल्ड में प्रोसेसर की परफॉर्मेंस का अनुमान आमतौर पर कोर से लगाया जाता है। एंड्रॉयड फोन के प्रोसेसर में जितने ज्यादा कोर होंगे परफॉर्मेंस उतनी बेहतर होने की संभावना है। ज्यादा कोर होंगे तो उनकी मदद से मल्टीटास्किंग और भी आसान हो जाएगी लेकिन साथ में उपयुक्त रैम भी होना चाहिए। प्रोसेसर फोन के दिमाग की तरह कहा जा सकता है जो सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।यह एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है, एक चिप होती है, जिसकी परफॉरमेंस हर्ट्ज़, किलोहर्ट्ज़, मेगाहर्ट्ज़ और गीगाहर्ट्ज़ के आधार पर मापी जाती है। अगर प्रोसेसर का चिपसेट बेहतर है तो आपके फोन की परफॉरमेंस भी जानदार रहेगी।कोर की ज़रूरत को इस तरह से समझिए कि आप एक वक्त पर अपने मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं, गाना सुन रहे हैं और बैकग्राउंड में डाउनलोड भी चल रहा है। सिंगल कोर प्रोसेसर के लिए इतने सारे काम को एक साथ निपटाना बेहद मुश्किल होगा। ऐसे में काम आता है मल्टी कोर। इस तरह से देखा जाए तो डुअल कोर हमेशा सिंगल कोर से बेहतर होगा।यह प्रोसेसिंग यूनिट सिंगल कोर पर काम करता है। सिंगल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) होने के चलते इसमें मल्टी-टास्किंग के दौरान बहुत परेशानी आती है। सिंगल कोर प्रोसेसर उन लोगों के लिए बिलकुल मुफीद नहीं होगा जो गेमिंग या एक ही समय पर एक से ज्यादा टास्क करने को तवज्जो देते हैं। इसे बुनियादी प्रोसेसर कहा जा सकता है, तो साधारण इंटरनेट इस्तेमाल, ऐप और हल्के गेम में ही प्रभावी रह सकता है।