...जानिए सिंधु का रियो में सफर कैसा रहा, GROUP मैच से लेकर FINAL तक

- डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (19 अगस्त): रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने भारत के लिए गोल्ड की आस जगा दी है। सिंधु का फाइनल तक का सफर बहुत ही शानदार रहा है। ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने तक वो एक भी मैच नहीं हारी हैं। अपने पिछले तीन मैच यानी प्री क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में तो उन्होंने सीधे सेटों यानी 2-0 से जीत हासिल की है। यही नहीं क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व नंबर दो खिलाड़ी को हराया। अब उनका मुकाबला दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी से है। आइए जानते हैं सिंधु का रियो में सफर कैसा रहा... 

पहला ग्रुप मैच - पीवी सिंधु ने रियो ओलम्पिक के महिला एकल वर्ग के अपना पहले मैच हंगरी से जीता। - हंगरी की अपनी प्रतिद्वंद्वी लौरा सारोसी को सीधे गेमों में 21-8, 21-9 से हराया। - सिंधु दुनिया की 10वें तो लौरा सारोसी दुनिया की 64 नंबर की खिलाड़ी हैं। - सिंधु ने ग्रुप-एम के अपने पहले मैच में दमदार प्रदर्शन दिखाया था। - पहला गेम 13 मिनट में और दूसरा गेम 14 मिनट में अपने नाम किया।

दूसरा ग्रुप मैच - सिंधु ने अपने दूसरे ग्रुप मैच में कनाडा की मिशेल ली को कड़ी चुनौती देते हुए 9-21, 21-15, 21-17 से हराया। - दुनिया की 20वें रैंक की खिलाड़ी मिशेल ली ने पहला सेट सिंधु से जीत लिया था। - बाद में सिंधु ने मैच पर अपनी पकड़ बनाते हुए दूसरा सेट 21-15 और तीसरा 21-17 से जीता। - लेकिन सिंधु को अपने दूसरे मैच को जीतने के लिए 1 घंटा 11 मिनट तक कठिन संघर्ष करना पड़ा।  - सिंधु ने इस जीत के बाद प्रीक्वॉर्टर फाइनल (राउंड ऑफ-16) में जगह बनाई थी। 

प्रीक्वॉर्टर फाइनल  - पीवी सिंधू ने चीन ताइपे की ताई जू यिंग को आसानी से 21-13, 21-15 से हराया. - सिंधु ने 20वें रैंक की खिलाड़ी पर जीत के बाद क्वॉर्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। - सिंधु को अपना तीसरे मैच जीतने के लिए 40 मिनट का वक्त लगा।

क्वॉर्टर फाइनल  - बैडमिंटन महिला सिंगल्स के क्वॉर्टर फाइनल में सिंधु ने चीन की वांग याएन मात दी - वर्ल्ड नंबर 2 को सीधे सेटों में 22-20, 21-19 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।  - सिंधु को अपने चौथे मैच जीतने के लिए 54 मिनट का वक्त लगा। - पहले सेट की शुरुआत में वांग याएन ने सिंधु पर दबाव बनाने की कोशिश करते हुए तीन पॉइंट झटक लिए। - लेकिन कुछ देर के बाद सिंधु ने वापसी करते हुए मैच को 5-5 की बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया। - इसके बाद एक बार फिर यांग ने 3 पॉइंट की बढ़त लेते हुए गेम को 9-12 तक पहुंचाया।  - सिंधु ने एक बार फिर वापसी की और यांग को पहले सेट में 21-20 से मात दी। - इसके बाद दूसरे सेट में भी अपनी मनोवैज्ञानिक बढ़त का फायदा उठाया। - बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और दूसरे सेट को 21-19 से अपने नाम किया।

सेमीफाइनल  - सेमीफाइनल में 6वीं रैंकिंग वाली जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-19, 21-10 से हराया। - इसके साथ ही सिंधु का सिल्वर मेडल पक्का हो गया है, अब गोल्ड के लिए जान लड़ानी है। - जिसमें उनका मुकाबला स्पेन की वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से आज शाम 6.55 पर होगा। - सिंधु ने नोजोमी से पहला सेट 27 मिनट में 21-19 से जीता। - दूसरे सेट में मनोवैज्ञानिक बढ़त का फायदा उठाते हुए 22 मिनट में बाजी पलट दी।

फाइनल... वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी से है मुकाबला - फाइनल में सिंधु का मुकाबला स्पेन की वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से होगा। - उल्टे हाथ की खिलाड़ी कैरोलिना इस समय दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी हैं, जिनका रिकॉर्ड शानदार है। - 2014 में सिर्फ 21 की उम्र में उन्होंने चीन की खिलाड़ी ली को हराकर विश्व चैम्पियनशिप पर कब्जा जमाया था।  - ये खिताब जीतने वाली वो तीसरी यूरोपिएन और पहली स्पेनिश खिलाड़ी हैं।  - इसके बाद 2015 में साइना नेहवाल को हराकर कैरलिना ने फिर इस खिताब पर कब्जा किया।  - रियो में कैरोलिना ने लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता चीन की खिलाड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। - कैरोलिना अपने जीवन में 313 में खेली हैं जिनमें से उन्होंने 239 मैचों में जीत दर्ज की है।  - वहीं 74 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उनका जीत का अनुपात 76.36 का है, उनके नाम कुल 19 खिताब हैं। - कैरोलिना भारतीय खिलाड़ी साइना नेहवाल के साथ सात मैच खेली हैं जिनमें 4 में जीत नेहवाल और तीन में कैरोलिना को मिली है।  - वहीं कैरोलिना और सिंधू आजतक छह बार आमने सामने आईं हैं, जिनमें चार पर जीत कैरोलिना को और दो बार सिंधु को मिली है। - इसके अलावा अप्रैल 2010 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में सिंधु कैरोलिना को मात दे चुकी हैं।