हारपून मिसाइल की इस खासियत से डरे चीन और पाकिस्तान

नई दिल्ली (26 सितंबर): राफेल फाइटर जेट के बाद भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए हारपून मिसाइल भी जल्द ही हमारे पास होगी। भारत सरकार ने इसके लिए बोइंग को आठ करोड़ 10 लाख डॉलर से अधिक की राशि का करार किया है।

इस मिसाइल के सेना में शामिल होने के बाद हिंद महासागर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारत को दबदबा बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस समय 30 से ज्यादा देशों के पास यह मिसाइल है।

जानें इस मिसाइल की खासियत... - यह सभी मौसम में मार करने की क्षमता से युक्त एंटी शिप मिसाइल है। - इसकी मारक क्षमता 280 किलोमीटर तक है। - यह 864 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दुश्मन पर वार करती है। - यह सतह, हवा और समुद्री सबमैरिन के जरिये मार करने में भी सक्षम है। - इसे अमेरिका ने सोवियत संघ के खिलाफ शीत युद्ध के दौरान तैयार किया था। - हारपून की मदद से भारत पाक और चीन को जवाब एक साथ दे सकता है। - समुद्री सीमाओं में पाक और चीन दोनों देश को धूल चटा सकता है।