शी जिनपिंग: संघर्ष में बीता बचपन, पार्टी ने कर दिया था बाहर, जानें उनसे जुड़ीं बड़ी बातें

नई दिल्ली(18 अक्टूबर): चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का मेंटर बनाया जा सकता है। 18 अक्टूबर से शुरू होने जा रही 19वीं कांग्रेस मीटिंग में पार्टी अपने नए नेता का चुनाव करेगी। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि शी जिनपिंग को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बनाया जा सकता है और वह दोबारा पांच साल के लिए चीन के राष्ट्रपति बन सकते हैं। 

जानें जिनपिंग के जीवन के बारे में कुछ बातें :

- जिनपिंग का बचपन काफी संघर्ष में गुजरा। सन् 1968 में चेयरमैन माओ ने एक फरमान जारी किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि लाखों युवा शहर छोड़कर गावों चले जाएं और वहीं से वो जिंदगी में आने वाली मुश्किलों का सामना करना सीखें। जिंदगी के उस दौर में जिनपिंग ने बहुत कुछ सीखा।

- राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले पांच साल के कार्यकाल में जिनपिंग ने खुद को एक महान इंसान साबित किया। जिनपिंग ने खुद को एक आम इंसान की तरह  दिखाया। गरीबों के घर जाना, छात्रों से बात करना, लंच के लिए कतारों में खड़े होना ऐसे कई काम जिनपिंग ने किए जो उन्हें जनता का नेता ही दर्शाते थे।

- जिनपिंग के पिता कम्युनिस्ट क्रांति के हीरो थे इस वजह से जिनपिंग ने अच्छा जीवन भी गुजारा लेकिन साठ के दशक में चेयरमैन माओ ने अपनी पार्टी के नेताओं पर जो जुल्म ढाए उसका खामियाजा जिनपिंग को भुगतना पड़ा। इसका नतीजा ये हुआ कि पहले तो शी के पिता को पार्टी से बाहर कर दिया गया फिर उन्हें जेल भेज दिया गया। जब जिनपिंग 25 साल के थे तब उनके पिता की पार्टी में दोबारा वापसी हो गई थी। पिता की मदद से शी ने अपना करियर तेजी से आगे बढ़ाया। 

- जिनपिंग उस वक्त सुर्खियों में आ गए जब उन्होंने पेंग लियुआन से शादी कर ली। इसके बाद साल 2012 में जिनपिंग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता बने। वो कम्युनिस्ट पार्टी के तमाम खेमों के आम सहमति से चुने गए नेता थे। लेकिन किसी को भी ये अंदाज़ा नहीं था कि अगले पांच सालों में वो कैसे नेता बनकर उभरने वाले हैं। सत्ता में आने के बाद जिनपिंग ने जनता से ये वादा किया कि वो लोगों को एक साफ सुथरी सरकार देंगे, वो छोटे-बड़े भ्रष्ट नेताओं को सबक सिखाएंगे और उन्होंने अपने इस वादे पर अमल भी किया। 

-शी जिनपिंग ने कई फरमान जारी किए। पार्टी के हर नेता के दफ्तर के साइज़ से लेकर नेताओं के लंच या डिनर में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की संख्या को लेकर भी शी ने कड़े नियम बना दिए। शी जिनपिंग अक्सर अपने नागरिकों को सीख देते हैं कि वो चीन के अपने जीवन मूल्य को अपनाएं। पश्चिमी सोच ने प्रभावित न हों। क्योंकि अगर हम दूसरों की नक़ल करेंगे, तो अपनी पहचान खो बैठेंगे।

- शी जिनपिंग के राज में मुसलमान, ईसाई, मज़दूर कार्यकर्ता, ब्लॉगर, पत्रकार, महिलावादी और वक़ील, सब को जेल भेजा गया है। वो आंदोलन करने वालों को सख़्त नापसंद करते हैं. वो खुलकर सरकार और पार्टी के ख़िलाफ़ बोलने वालों को क़तई बर्दाश्त नहीं करते।