वाघा बॉर्डर के जरिए किरपाल का शव भारत आया

गुरप्रतीत सिंह, गुरदासपुर (19 अप्रैल): पाकिस्तान की जेल में मौत के बाद किरपाल सिंह का शव भारत आ गया है। वाघा बॉर्डर के जरिए किरपाल का शव भारत आया। शव को देखते ही बॉर्डर पर मौजूद किरपाल का पूरा परिवार मातम में डूब गया। किरपाल के परिजन उसकी मौत को साजिश बता रहे हैं और सरकार से पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। आंखों में आंसू और दिल में गम लिए एक बहन 24 सालों से भाई का आने का इंतजार कर रही थी।

किरपाल सिंह 1992 से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद थे। तब कुछ समय बाद घर आए खत से पता चला कि वो जिंदा हैं और पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उसके बाद से किरपाल अपने भतीजे अश्विनी को लगातार पत्र भेजते रहे। लेकिन 11 अप्रैल को खबर आई की किरपाल सिंह की जेल में मौत हो गई है। पाक अधिकारियों ने बताया कि लाहौर जेल में हार्ट अटैक होने से उनकी मौत हुई।

शव भारत को सौंपने से पहले पाकिस्तानी डॉक्टर किरपाल सिंह का पोस्टमार्टम करेंगे, वहीं किरपाल सिंह के भतीजे का कहना है कि उसके चाचा की जेल में हत्या की गई है। किरपाल सिंह, सरबजीत सिंह की पाक जेल में हत्या के मामले में एकलौते गवाह थे। किरपाल सिंह के भतीजे अश्विनी ने माग की है कि शव आने के बाद उनका पोस्टमॉर्टम भारत में भी किया जाए।

किरपाल सिंह पर पाकिस्तान में बम विस्फोट करने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई, लेकिन लाहौर हाईकोर्ट ने किरपाल सिंह बम विस्फोट के आरोपों से बरी कर दिया था। उनकी मौत की सजा को अज्ञात कारणों से कम नहीं किया गया। उधर किरपाल सिंह के शव पर अधिकार को लेकर विवाद भी शुरु हो गया है। परमजीत कौर नाम की महिला ने दावा किया है कि वो किरपाल सिंह की पत्नी है और शव को उन्हें ही सौंपा जाए। वहीं किरपाल सिंह की बहन जागीर कौर का कहना है कि परमजीत तो किरपाल के पाकिस्तान में पकड़े जाने से पहले ही उसे छोड़ कर चली गई थी और दूसरी शादी कर ली थी।

करीब 24 साल पाकिस्तान की जेल की काल कोठरी में बिताने के बाद आज किरपाल सिंह का पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। शव को कल उनके गांव ले जाया जाएगा, जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।