रिजीजू बोले, सरकार की आलोचना करें लेकिन देश को ना दें गाली

नई दिल्ली (18 फरवरी): जेएनयू प्रकरण पर सरकार पर कड़ी टिप्‍पणी कर रहे विपक्ष पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि लोग सरकार की आलोचना के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वे देश को गाली नहीं दे सकते।

फेसबुक पर एक पोस्ट में रिजीजू ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में लोगों के एक समूह ने ‘भारत के टुकड़े करने का निंदनीय संकल्प’ लिया है और घोषणा की है कि अफजल गुरू उनका नायक है। नेताओं के एक समूह ने ‘‘इन राष्ट्र-विरोधी तत्वों’’ के कृत्यों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि एक भारतीय के तौर पर, सबसे पहली अनिवार्यता भारत की एकता एवं अखंडता के प्रति निष्ठा है। कोई भी सरकार की आलोचना कर सकता है लेकिन देश को गाली नहीं दे सकता।

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि देशभक्त नागरिकों की ओर से भारी आलोचना के बावजूद, वे अब भी अपने ‘घटिया कृत्य’ पर गर्व कर रहे हैं। ये लोग अपनी विचारधारा में इतनी दृढ़ता के साथ रचे-बसे हैं कि भारत के प्रति इनकी नफरत इनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में झलकती है। मैं उन्हें देशभक्त नागरिक बनाने में सफल नहीं हो पाऊंगा। उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे का एक ही हल बचा है और ऐसे ‘फर्जी छात्रों और नेताओं’ को एक साल के लिए 16 हजार फुट की उंचाई पर सैनिकों के साथ रहना चाहिए या उन शहीदों की विधवाओं की हालत देखनी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी है। इससे उन्हें समझ आएगा कि मातृभूमि के लिए प्यार क्या होता है।