पीएम मोदी के इस मंत्री पर लगे करप्शन के आरोप, कांग्रेस-आप ने मांगा इस्तीफा

नई दिल्ली (13 दिसंबर): अरुणाचल प्रदेश में बन रही एक जलविद्युत परियोजना में करीब 450 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस मामले की आंच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू तक भी पहुंचती दिख रही है। करप्शन के आरोपों में कथित तौर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस, आप समेत कई विपक्षी पार्टियों ने किरण रिजिजू से इस्तीफे का मांग की है। हालांकि किरण रिजिजू अपने उपर लग रहे आरोपों से इनकार किया है। किरण रिजिजू का कहना है कि उनके खिलाफ खबर प्लांट की गई है।  

किरण रिजिजू का कहना है कि मैंने मिनिस्‍ट्री ऑफ पावर को पत्र लिखकर फंड जारी करने के लिए कहा था लेकिन यह पत्र मैंने स्‍थानीय कॉन्‍ट्रेक्‍टर की याचिका पर लिखा था। मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है कि यह एक घोटाला है या नहीं। अगर यह घोटाला है तो इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को बख्‍शा नहीं जाना चाहिए।

दरअसल नॉर्थ ईस्‍टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन यानी NIIPCO के चीफ विजिलेंस ऑफिसर ने अपनी रिपोर्ट में राज्‍य में बने दो पावर प्रोजेक्‍ट में किरण रिजिजू, उनके भाई और कॉन्ट्रेक्‍टर गोबोई रिजिजु और कुछ अन्‍य वरिष्‍ठ अध‍िकारियों पर भ्रष्‍टाचार के आरोप लगाए थे। यह हायड्रो पावर प्रोजेक्‍ट है जो अरुणाचल प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्‍ट है।

सीवीओ सतिश वर्मा की सीबीआई को भेजी गई 129 पेज की रिपोर्ट में विस्‍तृत साजिश के आरोप लगाए हैं जिसमें कॉन्‍ट्रेक्‍टर के अलावा एनईईपीसीओ के अधिकारी और पश्चिम केमेंग जिले के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। आरोप है कि इन्‍होंने नीपको और सरकार के साथ धोखाधड़ी की है जो 450 करोड़ तक जा सकती है। हालांकि मामले में सीबीआई ने अब तक कोई जांच नहीं की है और ना ही कोई एफआईआर दर्ज की है।

पूरे मामले को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है और रिजिजू का इस्‍तीफा मांगा है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि रिजिजु ने पद का दुरुपयोग किया है. सुरजेवाला ने कहा कि अरुणाचल हाइड्रो प्रोजेक्‍ट मामले पर किरण रिजिजू से इस्‍तीफा मांगा जाना चाहिए या उन्‍हें निकाल देना चाहिए। सुरजेवाला ने कहा कि उनके पास इसके ऑडियो प्रूफ भी हैं।