देश में पहली बार किन्नरों ने किया सामूहिक पिंडदान

नई दिल्ली (24 सितंबर): वाराणसी के पिशाचमोचन कुंड पर देश भर के किन्नर जमा हुए। यहां पर इन्होंने अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के पिंडदान किया। उज्जैन किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में किन्नरों ने यह पिंडदान किया।

बता दें, कि पिंडदान से उनके पूर्वजों को मुक्ति मिलेगी और उन्हें मोक्ष प्राप्त होगा। देश के इतिहास में पहली बार किन्नर समाज ने काशी के पिशाचमोचन कुंड पर अपने पूर्वजों का सामूहिक पिंडदान किया है। इस पिंडदान की प्रक्रिया में 21 ब्राह्मण शामिल हुए।

इस मौके पर उज्जैन किन्नर अखाड़े के लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा, ”आज तक भारत समेत पूरी दुनिया में जितने भी किन्नरों का निधन हुआ है, उनका न श्राद्ध और पिंडदान कभी नहीं कराया गया। इसके चलते उनके पूर्वजों की आत्मा धरती पर भटक रही है। यही वजह है कि किन्नर अखाड़े ने ये सामूहिक पिंडदान का फैसला लिया।''