'4 को मारने वाला CISF जवान ऐसा बम था जो कभी भी फट सकता था'

पटना(14 जनवरी):  बिहार के औरंगाबाद में अपने ही साथियों पर गोलियां बरसाने वाला सीआईएसफ जवान दलबीर सिंह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। जवान के परिवार का कहना है कि सीआईएसएफ को जवान की मानसिक बीमारी की सूचना दी गई थी लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।


- जवान की मां ने बताया, हर किसी को पता था कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जवान के दोस्तों और पड़ोसियों का कहना है कि वह एक ऐसा बम था जो कभी भी फट सकता था। बलबीर दो बच्चों का पिता है।


-सीआईएसएफ के मुताबिक, जवान ने हेड कॉन्स्टेबल बच्चा शर्मा, अमरनाथ मिश्रा, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जीएस राम , हवलदार अरविंद राम को इसलिए गोली मार दी थी क्योंकि उसे छुट्टी देने से इनकार कर दिया गया था। सीआईएसएफ के बयान से भी जवान की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का संकेत मिलता है।


- 2011 में झारखंड के बोकारो में पोस्टिंग के दौरान भी बलबीर की हालत गंभीर थी। यह उसकी दूसरी पोस्टिंग थी।


- एक रिश्तेदार ने बताया, एक बार वह कार में बैठकर जा रहा था, अचानक से उसने ड्राइवर की गर्दन पकड़ ली और उसे अधमरा कर दिया और वह मरते-मरते बचा। ड्राइवर को छुड़ाने के लिए बलबीर के बड़े भाई शेर सिंह को अपने भाई के कान में जोर से काटना पड़ा था।


- 2013 में उसने अपनी पत्नी की भी जान लेने की कोशिश की थी। उसने अपनी पत्नी के सिर पर राइफल तान दी थी। कॉन्स्टेबल बलबीर ने सीआईएसएफ 2008 में जॉइन की थी।


- बलबीर की मां का कहना है कि उसके बाद ही उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा, शायद 2010 में उसकी हालत खराब होना शुरू हो गई थी।


- अलीगढ़ में अपने कच्चे मकान में बैठी बलबीर की मां कहती हैं, वह बीमार था। मेरे बेटे शेर सिंह ने उसकी यूनिट को बलबीर की स्थिति के बारे में बताया था और उसे कोई भी हथियार न देने की सलाह दी थी। अगर किसी ने उसकी बात पर ध्यान दिया होता तो आज जो हुआ है, वह नहीं हुआ होता।