दिल्ली के बड़े अस्पताल में 'किडनी' रैकेट का पर्दाफाश

प्रशांत देव, नई दिल्ली (3 जून): दिल्ली में आज एक बड़े किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने दिल्ली के एक बड़े अस्पताल के दो स्टाफ के साथ कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने गुर्दे के गोरखधंधे की जो कहानी सुनाई है उसने मेडिकल जगत को हैरान कर दिया है। 3 से 4 लाख की कमाई का लालच देकर गरीबों को किडनी अमीर मरीजों को बेची जा रही थी। पिछले 6 महीने में 5 गरीब इस रैकेट के झांसे में आकर अपनी किडनी बेच चुके हैं।

दिल्ली में किडनी रैकेट के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। किडनी फेल अमीर मरीजों की जान बचाने के लिए गरीबों के गुर्दे की सौदेबाजी होती थी। बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश के गरीबों को बहलाफुसलाकर दिल्ली लाया जा रहा था।  पैसों का लालच देकर उन्हें किडनी देने के लिए तैयार किया जाता था। फिर फर्जी दस्तावेज के आधार पर एक बड़े अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता । दिल्ली में गुर्दे के इस गोरखधंधे के तार एक बड़े अस्पताल से जुड़े थे।

दिल्ली के बड़े अस्पतालों में है अपोलो हॉस्पिटल। किडनी रैकेट के तार इस पांच सितारे अस्पताल से जुड़े मिले हैं। आरोप है कि इस अस्पताल में किडनी रैकेट का एक पूरा गिरोह काम कर रहा था। ये गिरोह पहले अस्पताल में भर्ती किडनी के अमीर मरीजों की जानकारी हासिल करता। फिर उन्हें पैसों के बदले किडनी ट्रांसप्लांट का भरोसा दिया जाता। और फिर पैसों के जरुरतमंदों को दिल्ली लाकर फर्जी दस्तावेज के सहारे उनकी किडनी मरीज को ट्रांसप्लांट कर दी जाती। पिछले एक साल से इस अस्पताल में ये धंधा चल रहा था।

किडनी रैकेट के गिरोह की पुलिस को भनक तक नहीं मिलती अगर इस धंधे में हुई बेईमानी एक गरीब को पुलिस तक पहुंचने पर मजबूर न करती। दरअसल एक शख्स ने पुलिस को शिकायत की थी कि एक नामी अस्पताल को उसने अपनी पत्नी की किडनी बेची है। और उसके बदले में उसे पैसे नहीं मिल रहे । इस शिकायत ने पुलिस के होश उड़ा दिए। और जब तफ्तीश शुरु हुई तो किडनी रैकेट की एक एक कड़ी अपनेआप खुलती चली गई। पता चला कि दिल्ली के फेमस अपोलो अस्पताल में

पिछले 6 महीनों में 5 किडनी बेची गई। हर किडनी की डील 25 से 30 लाख में हुई। किडनी बेचने वाले को 3 से 4 लाख रुपए दिए गए। हर डील पर दलाल को 1 से 2 लाख की कमाई हुई।

पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें अस्पताल के दो स्टॉफ भी हैं। हालांकि अस्पताल उन्हें अपना स्टाफ मानने से इनकार कर रहा है। दिल्ली में अपोलो अस्पताल के किडनी के अमीर मरीजों के लिए बंगाल उत्तर प्रदेश और कई दूसरे राज्यों से पैसों के जरुरतमंद लोगों को फंसाकर लाया जा रहा था। पैसों के बदले उनकी किडनी की सौदेबाजी हो रही थी। पुलिस ने अस्पताल से वो जाली कागजात भी बरामद किए हैं जिसकी बदौलत ये पूरा गोरखधँधा फल फूल रहा था।